कुदरत का कहर या अनदेखी? 5 माह पहले मिली थी ग्लेशियल झील फटने की चेतावनी, क्यों नहीं बचाई गईं जिंदगियां

ICIMOD की रिपोर्ट में नेपाल में बाढ़ आने से कई महीने पहले ही चेतावनी दी गई थी कि ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने से ग्लेशियर झील के फटने का खतरा बढ़ रहा है, और अब वैज्ञानिकों को और बाढ़ आने का डर है।

नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें लगभग 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है और करीब 1,500 लोग अभी भी लापता हैं। नेपाल की उत्तरी सीमा पर इस भयानक बाढ़ के आने से कई महीने पहले ही रिसर्च में चेतावनी दी गई थी कि हिमालय के ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने से अचानक ग्लेशियर झील के फटने का खतरा बढ़ रहा है।

Nepal Flood Warning

'5 महीने पहले' ही थी ग्लेशियल झील फटने की चेतावनी

काठमांडू स्थित 'इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट' (ICIMOD) ने ग्लेशियरों पर ग्लोबल वार्मिंग के असर को उजागर किया। ICIMOD की दो रिपोर्टों में संस्थान ने ग्लेशियरों के तेजी से खत्म होने की बात कही है, जिसमें बताया गया है कि 2000 के बाद से ज़्यादातर जगहों पर यह दर दोगुनी हो गई है।

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