इस्लामाबाद: प्रसिद्ध चेक पर्वतारोही क्लारा कोलोचोवा (46) की पाकिस्तान में नंगा पर्वत की चढ़ाई करते समय मृत्यु हो गई। अल्पाइन क्लब के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। नंगा पर्वत आठ हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाली दुनिया की 14 चोटियों में से एक है।
चेक पर्वतारोही क्लारा कोलोचोवा
क्लारा कोलोचोवा बृहस्पतिवार तड़के लगभग चार बजे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र के डायमर इलाके में 8,125 मीटर ऊंची चोटी के बुनार बेस कैंप के पास कैंप-1 और कैंप -2 के बीच ऊंचाई से गिर गईं।
किलर माउंटेन कहलाता है नंगा पर्वत
नंगा पर्वत को पर्वतारोहण से जुड़े लोगों के बीच ‘हत्यारा पर्वत’ के नाम से जाना जाता है। इस पर्वत पर पर्वतारोहण के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है। ‘अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान’ के उपाध्यक्ष करार हैदरी ने बताया कि निपुण पर्वतारोही क्लारा माउंट एवरेस्ट और के2 जैसे पर्वतों की चढ़ाई करने वाली पहली चेक महिला थीं। वह 15 जून को पाकिस्तान पहुंची थीं और उनके साथ उनके पति समेत टीम के पांच सदस्य भी मौजूद थे।
हैदरी ने ‘व्हट्सएप’ पर एक मैसेज में कहा, ‘कैंप 1 और कैंप 2 के बीच ऊंचाई से उनके गिर जाने के बाद अधिकारियों और बचाव दलों को तुरंत सतर्क कर दिया गया, जिन्हें मौके पर भेज दिया गया है। उनका शव खोजने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।’स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार गैस सिलेंडर के फट जाने से यह दुर्घटना हुई।
कहां है नंगा पर्वत
नंगा परबत पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में स्थित एक विशाल और प्रसिद्ध पर्वत है। यह विश्व के सबसे ऊंचे पर्वतों में से एक है।
नंगा परबत की ऊंचाई 8,126 मीटर (26,660 फीट) है, जो इसे दुनिया का नौवां सबसे ऊंचा पर्वत बनाती है। यह गिलगित-बाल्टिस्तान के रुईन घाटी में स्थित है। इसे किलर माउंटेन या हत्यारा पर्वत कहा जाता है क्योंकि यहाँ चढ़ाई करते समय दुर्घटनाओं और मौतों की संख्या बहुत अधिक है।
यह पर्वत अपनी विशालता और खतरनाक चढ़ाई के लिए जाना जाता है। नंगा परबत के पश्चिमी चेहरे की ऊंचाई लगभग 4,600 मीटर है, जो इसे दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वतों में एक बनाती है। पर्वतारोहियों के लिए यह चुनौतीपूर्ण और खतरनाक स्थल माना जाता है।
नंगा पर्वत दुनिया का नौवां सबसे ऊंचा पर्वत
नंगा पर्वत दुनिया का नौवां सबसे ऊंचा पर्वत है। इस चोटी पर 1953 में पहली बार कोई पर्वतारोही सफलतापूर्वक चढ़ा था। इस पर्वत पर चढ़ने की कोशिश करते हुए अब तक 95 से अधिक पर्वतारोही अपनी जान गंवा चुके हैं। (भाषा इनपुट के साथ )
