35 साल बाद मुकाबला
बांग्लादेश के नए राष्ट्रपति बने मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर (फोटो साभार: ANI)
बीते 35 वर्षों में यह पहला मौका था जब बांग्लादेश के राष्ट्रपति चुनाव में एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में उतरे। इस मुकाबले में 78 वर्षीय आलमगीर ने 255 वोट हासिल किए।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं निर्वाचन अधिकारी ए.एम.एम. नासिर उद्दीन ने कहा कि बीएनपी के वरिष्ठ नेता ने अपने प्रतिद्वंद्वी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) के अध्यक्ष एवं जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11-दलीय विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार कर्नल (सेवानिवृत्त) ओली अहमद को हरा दिया। उन्होंने कहा कि ओली अहमद को 88 मत प्राप्त हुए।
कितने वोट पड़े
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि कुल 349 पंजीकृत मतदाताओं में से 343 ने मतदान किया, जबकि छह सांसदों ने मतदान नहीं किया। सनद रहे कि राष्ट्रपति पद के लिए नामांकित होने के बाद आलमगीर ने बीएनपी के महासचिव और पार्टी की राष्ट्रीय स्थायी समिति के सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया था।
कब होगा शपथग्रहण समारोह
नवनिर्वाचित राष्ट्रपति शुक्रवार शाम बंगभवन के दरबार हॉल में बांग्लादेश के नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे। यह 1991 के बाद बांग्लादेश में राष्ट्रपति पद के लिए ऐसा पहला चुनाव है जिसमें मुकाबला हुआ है। इस पद के लिए पिछले कुछ दशकों में आमतौर पर सर्वसम्मति से या निर्विरोध चयन होता रहा है।
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के करीबी सहयोगी मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले पिछले महीने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया था। बता दें कि बांग्लादेशी संविधान के अनुच्छेद 54 के तहत पद खाली होने के 90 दिनों के भीतर नया राष्ट्रपति चुनना अनिवार्य होता है।
