Middle East Tension: अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता, इजराइल के कारण खतरे में पड़ती दिख रही है। लेबनान पर आज भी इजराइल ने बड़ा हमला बोला है, जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई है। ईरान इस हमले से भड़का हुआ है, ईरान से पहले ही कहा था कि अगर इजराइल नहीं माना तो उसके लिए बुरा होगा। इजराइल की सेना ने शुक्रवार को कहा कि उसने रातभर दक्षिणी लेबनान में कई लक्ष्यों पर हमले किए, जबकि हिज्बुल्ला ने क्षेत्र में भीषण लड़ाई जारी रहने की जानकारी दी है। लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी ’नेशनल न्यूज एजेंसी’ के अनुसार, इजराइली हवाई हमलों में कम से कम 16 लोगों की मौत हुई है। इजराइली सेना ने कहा है कि उसकी कार्रवाई अब भी जारी है।
लेबनान पर इजराइल ने किया हमला (फोटो- AP)
इजराइल अड़ा, खतरे में समझौता
लगातार जारी संघर्ष से यह नया समझौता प्रभावित हो सकता है, जिसमें "सभी मोर्चों पर तत्काल सैन्य कार्रवाई रोकने" का प्रावधान है, जिसमें लेबनान भी शामिल है। समझौते में लेबनान की "क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता" सुनिश्चित करने की बात भी कही गई है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजराइली बल तब तक लेबनान से नहीं हटेंगे जब तक हिज्बुल्ला से उत्पन्न खतरे को समाप्त नहीं कर दिया जाता।
स्विट्जरलैंड में प्रस्तावित वार्ता स्थगित
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ईरान और अमेरिका के बीच स्विट्जरलैंड में प्रस्तावित वार्ता स्थगित कर दी गई है, जिसका उद्देश्य ईरान युद्ध को समाप्त करना था। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बृहस्पतिवार को स्विट्जरलैंड यात्रा टाल दी, जहां उन्हें वार्ता का नेतृत्व करना था। व्हाइट हाउस ने इसे तकनीकी कारण बताया, हालांकि यह निर्णय ऐसे समय आया जब खबरों में कहा गया कि लेबनान में इजराइली अभियान के कारण ईरान ने भी अपने प्रतिनिधिमंडल की यात्रा रोकी है।
इजराइल को धमका चुका है अमेरिका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ वर्साय पैलेस में रात्रिभोज के दौरान ईरान के साथ प्रारंभिक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जो तत्काल प्रभाव से लागू हुआ। समझौते के बाद उपराष्ट्रपति वेंस ने इजराइल को चेतावनी देते हुए कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप इस समय दुनिया के "एकमात्र ऐसे नेता हैं जो इजराइल के प्रति सहानुभूति रखते हैं"।
