S Jaishankar Qatar Explosion: कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी में रविवार रात हुए एक भीषण गैस पाइपलाइन विस्फोट में 12 भारतीय नागरिकों समेत 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण त्रासदी पर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गहरा दुख व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
कतर गैस प्लांट ब्लास्ट: 12 भारतीयों की मौत पर विदेश मंत्री जयशंकर ने जताया दुख, शवों को जल्द भारत लाने की कोशिशें जारी
एस. जयशंकर ने जताया दुख, दूतावास को दिए निर्देश
हादसे की जानकारी मिलते ही विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कतर में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों और घायलों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा, 'कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए विस्फोट में भारतीय नागरिकों सहित लोगों की जान जाने और उनके घायल होने की खबर से गहरा दुख हुआ है। जैसे-जैसे इस घटना से जुड़े और विवरण सामने आ रहे हैं, दोहा में हमारा भारतीय दूतावास कतर के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है। इस त्रासदी से प्रभावित भारतीय नागरिकों के परिवारों तक सहायता पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं।'
शवों को जल्द भारत लाने और घायलों के इलाज की जिम्मेदारी
कतर के अधिकारियों के हवाले से दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने सोमवार को पुष्टि की कि हादसे में मारे गए 12 भारतीयों के पार्थिव शरीरों को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर जल्द से जल्द भारत उनके घर भेजने के लिए कतर प्रशासन के साथ मिलकर तेजी से काम किया जा रहा है। दूतावास ने यह भी साफ किया है कि हादसे में घायल हुए सभी लोगों की स्थिति अब पूरी तरह स्थिर है और उन्हें कतर के अस्पतालों में उचित और बेहतर चिकित्सा उपचार दिया जा रहा है।
बरजान गैस संयंत्र में तकनीकी गड़बड़ी से हुआ धमाका
कतर के ऊर्जा मंत्री साद बिन शेरिदा अल-काबी और कतर के गृह मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयानों के मुताबिक, यह भयानक हादसा रास लाफान में स्थित 'बरजान स्थानीय गैस आपूर्ति संयंत्र' में हुआ। रविवार शाम जब संयंत्र में सामान्य परिचालन चल रहा था, तभी अचानक एक तकनीकी गड़बड़ी आई, जिसके कारण एक जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते वहां भीषण आग लग गई।
इस हादसे की चपेट में आने से कुल 13 लोगों की मौत हुई, जिनमें 12 भारतीय और 1 मूल रूप से पाकिस्तानी नागरिक शामिल है। इसके अलावा, हादसे में कुल 66 लोग घायल हुए हैं।
बचाव कार्य पूरा, पर्यावरण को कोई खतरा नहीं
कतर के गृह मंत्रालय ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षा अधिकारियों ने रास लाफान की आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों के साथ मिलकर तुरंत मोर्चा संभाला और बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाकर स्थिति पर काबू पाया। कतर प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि इस दुर्घटना के कारण संयंत्र से कोई भी हानिकारक गैस रिसाव नहीं हुआ है, और इससे आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा या पर्यावरण को कोई खतरा नहीं है। फिलहाल, उच्च स्तरीय तकनीकी विशेषज्ञ इस घटना के सटीक कारणों की जांच कर रहे हैं।
