Gaza War: फिलिस्तीन और गाजा में कत्लेआम के बाद कई देश धीरे-धीरे इजराइल का साथ छोड़ रहे हैं। अब लैटिन अमेरिकी देश निकारागुआ ने भी इजराइल के साथ राजनयिक संबंध तोड़ने की घोषणा की है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, लैटिन अमेरिका में भौगोलिक दृष्टि से सबसे बड़े देश निकारागुआ के उपराष्ट्रपति रोसारियो मुरिलो ने इस कदम की घोषणा की।
इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू।
स्टेट मीडिया की ओर से बताया गया कि 7 अक्टॅबर को गाजा युद्ध की बरसी पर निकारागुआ की कांग्रेस द्वारा इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया गया। इस कदम के बाद निकारागुआ अब कोलंबिया, चिली और बोलीविया जैसे कई अन्य लैटिन अमेरिकी देशों की सूची में शामिल हो गया है, जिन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के संदर्भ में इजरायल के साथ अपने संबंध समाप्त कर लिए हैं।
फिलिस्तीन के लिए दिखाया समर्थन
समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम मध्य अमेरिकी देश की संसद, नेशनल असेंबली के अनुरोध पर उठाया गया है, जिसने गाजा संघर्ष की पहली वर्षगांठ पर आयोजित एक विशेष सत्र के दौरान निंदा की घोषणा को मंजूरी दी। निकारागुआ सरकार ने एक बयान में कहा कि संसद ने इजरायल सरकार द्वारा फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ जारी नरसंहार, क्रूरता, अत्यधिक घृणा और विनाश की निंदा की है। बयान के अनुसार, यह फैसला फिलिस्तीन के लोगों और सरकार के साथ 'स्थायी एकजुटता' में लिया गया है। यह अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराज्यीय एवं अंतर सरकारी (इंटर-गवर्नमेंटल) संबंधों को नियंत्रित करने वाले कन्वेंशनों (संधियों) का पालन करता है।
इजराइली हमले में 27 की मौत
राष्ट्रपति डेनियल ओर्टेगा के नेतृत्व वाली सरकार ने 'स्वतंत्र, संप्रभु, स्वतंत्र और आत्मनिर्णय' फिलिस्तीन के लिए संयुक्त राष्ट्र के सभी प्रस्तावों का पालन करने की मांग दोहराई है। बता दें कि इजरायल ने शुक्रवार को गाजा में हमला किया था। शरणार्थी शिविर में किए गए हमले में 27 लोगों की मौत हो गई थी। गाजा पर किए गए इस हमले से निकारागुआ काफी खफा है। निकारागुआ ने सख्त कदम उठाते हुए इजरायल के साथ संबंध तोड़ने की घोषणा की है।
