'पाक' के लोकतंत्र को तहस-नहस करना चाहता है मुनीर, 'सुप्रीम जजों' के बाद हाईकोर्ट के जज ने दिया इस्तीफा

लाहौर उच्च न्यायालय (एलएचसी) के न्यायाधीश शम्स महमूद मिर्ज़ा ने अपना इस्तीफ़ा दे दिया। इसके साथ ही वह विवादास्पद संशोधन के कानून बनने के बाद किसी भी उच्च न्यायालय से इस्तीफ़ा देने वाले पहले न्यायाधीश बन गए। न्यायमूर्ति मिर्ज़ा छह मार्च 2028 को सेवानिवृत्त होने वाले थे।

लाहौर : पाकिस्तान की न्यायिक व्यवस्था में बड़ी उठापठक देखने को मिल रही है। शनिवार को लाहौर हाईकोर्ट के एक वरिष्ठ न्यायाधीश ने दो न्यायाधीशों के इस्तीफे के बाद पद छोड़ दिया। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने एक नया संवैधानिक संशोधन लागू करने के माध्यम से संविधान और न्यायपालिका पर हमले का विरोध करते हुए पद से इस्तीफा दे दिया। संशोधित कानून के तहत, संविधान से संबंधित मामलों से निपटने के लिए एक संघीय संवैधानिक न्यायालय (एफसीसी) की स्थापना की गई, जबकि मौजूदा उच्चतम न्यायालय केवल पारंपरिक दीवानी और फौजदारी मामलों का ही निस्तारण करेगा। सत्ताइसवें संविधान संशोधन के तहत, सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को 2030 तक रक्षा बलों के प्रमुख के रूप में पद पर बने रहने की अनुमति भी मिल जाएगी।

Lahore High Court judge resigns

लाहौर हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश ने दिया इस्तीफा

पीटीआई/भाषा के हवाले से लाहौर उच्च न्यायालय (एलएचसी) के न्यायाधीश शम्स महमूद मिर्ज़ा ने अपना इस्तीफ़ा दे दिया। इसके साथ ही वह विवादास्पद संशोधन के कानून बनने के बाद किसी भी उच्च न्यायालय से इस्तीफ़ा देने वाले पहले न्यायाधीश बन गए। न्यायमूर्ति मिर्ज़ा छह मार्च 2028 को सेवानिवृत्त होने वाले थे। वह पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ के महासचिव अधिवक्ता सलमान अकरम राजा के करीबी रिश्तेदार हैं।

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