खालिस्तान प्रेम पर ट्रूडो का अपनों ने ही छोड़ा साथ, बाइडन चुप तो बाकियों ने की खानापूर्ति

कनाडा के सबसे बड़ा मित्र अमेरिका इस मामले पर सिर्फ खानापूर्ति ही करता दिखा है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन इस मामले पर चुप ही हैं, वो इन आरोपों के बाद जब भारत को लेकर बोले तो किसी दूसरे मुद्दे पर बोले और जमकर तारीफ भी।

कनाडा का खालिस्तान प्रेम अब उसके लिए मुसीबत बनता जा रहा है। जो कभी कनाडा के साथ थे, वो भी अब उसका साथ इस मुद्दे पर छोड़ चुके हैं। कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो अपने खालिस्तान प्रेम पर वैश्विक मंच पर अकेल पड़ गए हैं। ये कनाडा की मीडिया को भी समझ आ रहा है। कनाडा ने भारत के साथ संबंध ये सोच कर खराब किए होंगे कि उसे उसके सहयोगी देशों को उसका साथ मिलेगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं है।

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