ISRO NASA NISAR Satellite: पिछले महीने वेनेजुएला में आए भीषण दोहरे भूकंप (Venezuela Earthquake 2026) से राजधानी कराकस और ला गुएरा में हुई तबाही का एक मुख्य कारण अब सामने आया है। भारत की अंतरिक्ष एजेंसी (ISRO) और अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी (NASA) के संयुक्त 'निसार' (NISAR) उपग्रह के आंकड़ों से पता चला है कि इस प्राकृतिक आपदा के दौरान धरती की सतह लगभग 60 सेंटीमीटर (दो फीट) तक खिसक गई थी।
पहली बार हुआ NISAR अर्जेंट रिस्पॉन्स का इस्तेमाल (फाइल फोटो)
शोधकर्ताओं ने 24 जून को आए भूकंप से ठीक पहले (13 और 18 जून) और भूकंप के बाद (25 और 30 जून) 'निसार' उपग्रह द्वारा ली गई तस्वीरों का गहन अध्ययन किया। यह पहला अवसर था जब किसी बड़े भूकंप के बाद जमीन के खिसकने की मैपिंग के लिए 'निसार' के अर्जेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (UR) का प्रयोग किया गया।
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वैज्ञानिकों ने 'इनसार' तकनीक का किया इस्तेमाल-नासा
नासा के अनुसार, वैज्ञानिकों ने 'इनसार' (InSAR) तकनीक का इस्तेमाल किया, जो उपग्रह और जमीन के बीच की दूरी में आने वाले सूक्ष्म से सूक्ष्म बदलावों को भी पकड़ लेती है। चूंकि यह भूकंप एक स्ट्राइक-स्लिप फॉल्ट (धरती की परतों का क्षैतिज रूप से खिसकना) पर हुआ था, इसलिए अधिकांश बदलाव पूरब-पश्चिम दिशा में देखा गया। विशेष रूप से कराकस के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के दक्षिणी हिस्से में सबसे तीव्र विस्थापन दर्ज किया गया, जहां जमीन 60 सेंटीमीटर तक खिसकी।
राहत और बचाव कार्यों में मिलती है मदद
नासा की जेट प्रोपल्शन लैबोरेटरी (JPL) के भूभौतिकीविद् एरिक फील्डिंग ने बताया कि यही मुख्य कारण था कि कराकस और ला गुएरा के क्षेत्रों में इतनी व्यापक और भयानक तबाही देखने को मिली। निसार डेटा का उपयोग करके अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने अपने फॉल्ट-स्लिप मॉडल को और सटीक बनाया है। इस उपग्रह की त्वरित डेटा डिलीवरी प्रणाली आपदा प्रबंधन के दौरान मात्र 12 से 24 घंटों के भीतर महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करा देती है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में बहुत मदद मिलती है।
