Israel Hamas War : इजरायल के उन बमों और उन हथियारों को जानना जरूरी है जिनसे वह गाजा पर हमले कर रहा है। इजरायल के छह दिनों की बमबारी में गाजा मलबे की ढेर में तब्दील हो चुका है। इजरायल हमास को चुन चुन कर खत्म कर रहा है। इजराइल के पास ऐसे ऐसे हथियार हैं, जो हथियार निकल आए तो हमास का नामोनिशान मिट जाएगा। इजराइल वैसे तो बहुत छोटा सा देश है, लेकिन इजराइल का जिगर बहुत बड़ा है। इजराइल चारों तरफ से अपने दुश्मनों से घिरा है। कम से कम पांच बड़े युद्ध लड़ चुका है। लेकिन सोचिए दिल्ली-मुंबई से भी कम आबादी वाली इजराइल और एरिया में हमारे यहां मिजोरम-मणिपुर जैसे राज्यों के बराबर के इजराइल के सामने मिडिल ईस्ट के एरिया में कोई टिक नहीं पाता।
इजरायल के सामने दुश्मन टिक नहीं पाते
इसकी वजह ये है कि इजराइल ने खुद को खतरों से लड़ने के लिए तैयार किया। एक एक नागरिक को योद्धा बनाया। इजराइल में 18 साल का होते ही 32 महीने की मिलिट्री ट्रेनिंग कंपलसरी होती है। जब भी इजराइल पर कोई संकट आता है, सभी इजराइली एक होकर मुकाबला करने के लिए पहुंच जाते हैं। अभी हमास के खात्मे वाले युद्ध में यही हो रहा है। इसके साथ ही इजराइल के पास ऐसी मिलिट्री पावर है, जो दुनिया में कम देशों के पास है। दुश्मन कहीं पर भी हो, कोई भी हो, इजराइल की मिलिट्री पावर के सामने उसका कोई दुश्मन टिक नहीं सकता। इजराइल के पास ऐसे ऐसे हथियार हैं, ऐसी ऐसी टेक्नोलॉजी है, जो हमास जैसे आतंकवादी संगठनों को मिट्टी में मिला देगी।
बंकर बस्टर बम का इस्तेमाल
इजराइल इस वक्त बंकर बस्टर बम का इस्तेमाल कर रहा है। इन बंकर बस्टर बम से हमास के ठिकाने नष्ट किए जा रहे हैं। इजराइल बंकर बस्टर बम इसलिए गिरा रहा है क्योंकि गाजा में हमास के आतंकी इमारतों के नीचे तहखाने और बंकर बनाकर छुपते हैं। हमास के आतंकवादियों ने गाजा में जमीन के अंदर सुरंगे बनाई हुई है, जहां ये अपने हथियार और रॉकेट रखते हैं और इजराइल पर हमला करते हैं। ऐसी सुरंगों को ध्वस्त करने और वहां छुपे हमास के आतंकवादियों को मार गिराने के लिए बंकर बस्टर बम ही इस्तेमाल किए जाते हैं।
बंकर बॉम्ब का इस्तेमाल वियतनाम वॉर में भी
इन बंकरों और सुरंगे को तबाह करने के लिए इजराइल ऐसे बम दाग रहा है...जो आतंकियों को जमीन के अंदर भी तबाह करने का दम रखते हैं। बंकर बस्टर बम जमीन में गड्ढा करने की क्षमता रखते हैं..फिर कुछ फीट अंदर जाकर विस्फोट करते हैं। ये ताकतवर बॉम्ब कॉन्क्रीट से बनी नींव, बंकर या सुरंग को उड़ा सकते हैं। पहली बार बंकर बॉम्ब का इस्तेमाल वियतनाम वॉर में किया गया था साल 2021 में इजराइल ने सबसे आधुनिक GBU-72 बंकर बस्टर बॉम्ब अमेरिका से खरीदने की डील की थी।
100 फीट तक जमीन को भेद सकता है
GBU-72 100 फीट तक जमीन को भेद सकता है..और कॉन्फ्रीट के स्ट्रक्चर को 20 फीट तक भेद सकता है। इस बम के जरिये ना सिर्फ सुरंग या बंकर को तबाह किया जा सकता है..बल्कि ऊंची ऊंची इमारतों भी इस बम की ताकत से ताश के पत्तों की तरह ढह जाती है। इजराइल के पास इस वक्त GBU-28 बंकर बस्टर बॉम्ब हैं...5000 पाउंड यानी 2269 किलोग्राम वाला GBU-28 एक लेजर गाइडेड 'बंकर बस्टिंग' बम है। ऐसा दावा कि साल 2015 में इजरायल ने हमास के खिलाफ इस बम का प्रयोग किया था।
JDAM को फाइटर और बॉम्बर एयरक्राफ्ट से दागा जाता है
इसके अलावा इजराइल जो हथियार इस वक्त इस्तेमाल कर रहा है उनमें ज्वाइंट डाइरेक्ट अटैक म्यूनिशेन है, ये एक तरह की किट है..जो अगनाइडेड बॉम्ब को स्मार्ट बम में बदल देती है जिससे बॉम्ब सीधे टारगेट को हिट करता है। इस किट में नेविगेशनल सिस्टम और ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम गाइडेंस कंट्रोल यूनिट लगी हुई है जिससे बम को किसी भी मौसम में 100% सटीकता के साथ दागा जा सकता है।JDAM को फाइटर और बॉम्बर एयरक्राफ्ट से दागा जाता है। एक बार एयरक्राफ्ट से इसे दागने के ये खुद ब खुद अपने टारगेट तक पहुंचकर उसे नष्ट कर देता है।
हेलफायर मिसाइल
इसके अलावा इजराइल हेलफायर मिसाइल का भी इस्तेमाल कर रहा है। ये वही मिसाइल से जिससे अमेरिका ने अलकायदा के सरगना अल जवाहिरी को मारा था। ये ऐसी खास मिसाइल है जिसको दागने से धमाका नहीं होता बल्कि इसके लगे ब्लेड से टारगेट खत्म हो जाता है इस मिसाइल का इस्तेमाल सटीक हमले में किया जाता है जिससे टारगेट के आस-पास के लोगों और संपत्तियों को नुकसान नहीं होता। इसके अलावा हमास के खिलाफ युद्ध में स्मार्ट बॉम्ब में भी इजराइल की ताकत बन रहे हैं-ये लेजर गाइडेड बॉम्ब हैं।
व्हाइट फॉस्फोसर बम
अमेरिका की बोइंग कंपनी ऐसे एक हजार बॉम्ब इजराइल को भेज रहा है। हमास के खिलाफ इजराइल ने अब ऐसा हथियार निकाला है...जिसे लेकर अब काफी विवाद हो गया है। कई मीडिया रिपोर्टस में ये दावा किया गया है कि इजराइल पर युद्ध में बेहद खतरनाक व्हाइट फॉस्फोरस बम इस्तेमाल कर रहा है...हालांकि, अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। ये व्हाइट फॉस्फोसर बम एक ऐसा हथियार है..जिसके इस्तेमाल को लेकर कई तरह के प्रतिबंध है...धनी आबादी के बीच इस तरह के बम के इस्तेमाल पर पाबंदी है...क्योंकि तब इसे रसायनिक हथियारों की श्रेणी में गिना जाता है
इस बम को इसलिए खतरनाक माना जाता है क्योंकि जब सफेद फास्फोरस जलता है तो इसके केमिकल रिएक्शन से काफी गर्मी उत्पन्न होती है। यह गर्मी करीब लगभग 815 डिग्री सेल्सियस की होती है। वाइट फॉस्फोरस बम सफेद फॉस्फोरस और रबर को मिलाकर तैयार होता है। ये ऑक्सीजन के संपर्क में आते ही आग पकड़ लेता है..फिर इसे पानी से बुझाना भी मुश्किल हो जाता है। सफेद फास्फोरस शरीर या जमीन या किसी चीज पर चिपकने के बाद बेहद खतरनाक रूप से जलता है। शरीर में चिपकने के बाद यह जब जलने लगता है तो गंभीर जलन तो पैदा होती है...ये शरीब के टिश्यू को अंदर तक जला सकता है..हड्डियों को गला सकता है...इसके संपर्क में आने वाले व्यक्ति की जान बचना बहुत मुश्किल हो जाता है।
