दक्षिण लेबनान में Israel और ईरान समर्थित हिजबुल्लाह में तनाव के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इजरायल ने गुरुवार 10 सितंबर को दावा किया कि उसकी सेना ने रणनीतिक अली अल-ताहेर रिज के नीचे बने हिजबुल्लाह के प्रमुख सुरंग नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। इसी इलाके में बड़े विस्फोट के बाद 4.1 तीव्रता का भूकंपीय झटका भी दर्ज किया गया।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने संयुक्त बयान जारी कर सुरंग नेटवर्क को हिजबुल्लाह का रणनीतिक आतंकी ढांचा बताया। उनके मुताबिक, यह बुनियादी ढांचा पिछले दो दशकों में तैयार किया गया था और इसके निर्माण में ईरान की फंडिंग और योजना की भूमिका थी।
अली अल-ताहेर रिज पर इजरायल का नियंत्रण
इजरायली नेतृत्व ने कहा कि सुरंगों के विनाश के साथ सेना ने अली अल-ताहेर रिज पर जमीन के ऊपर और नीचे, दोनों स्तरों पर ऑपरेशनल नियंत्रण हासिल कर लिया है। यह इलाका दक्षिण लेबनान में रणनीतिक महत्व रखता है और लंबे समय से इजरायल-हिजबुल्लाह संघर्ष में अहम क्षेत्र रहा है।
इजरायल के अनुसार, सुरंग नेटवर्क का इस्तेमाल हिजबुल्लाह की सैन्य गतिविधियों और रणनीतिक आवाजाही के लिए किया जाता था। सुरंगों को नष्ट करने की कार्रवाई को क्षेत्र में हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे को कमजोर करने की दिशा में अहम कदम बताया गया है।
दर्ज हुआ 4.1 तीव्रता का झटका
इस कार्रवाई के दौरान इलाके में एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ। लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी नेशनल न्यूज एजेंसी (NNA) ने अली अल-ताहेर रिज पर इजरायली सेना द्वारा बड़े पैमाने पर विस्फोट किए जाने की जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक, विस्फोट के बाद इलाके में तेज कंपन और जोरदार गड़गड़ाहट महसूस की गई।
वहीं, अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) ने इस क्षेत्र में 4.1 तीव्रता का भूकंपीय झटका दर्ज किया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस झटके को सीधे तौर पर विस्फोट के कारण आया भूकंप बताया नहीं गया है।
दक्षिण लेबनान में यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव और सीमा क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां लगातार क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती बनी हुई हैं।
