West Asia Conflict: पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव गहराता जा रहा है। ईरान की ऊर्जा और गैस सुविधाओं पर हुए हमले के बाद सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर सहित अन्य देशों को पलटवार का डर सता रहा है। दरअसल, ईरानी सेना ने स्पष्ट कर दिया है कि वह कतर, सऊदी अरब और यूएई में तेल और गैस के बुनियादी ढांचे पर हमला करेगा।
गैस संयंत्र पर हमले के बाद बदले के लिए तैयार ईरान
इजरायल के खिलाफ जारी युद्ध के दौरान ईरान पहले भी इस तरह की धमकियां दे चुका है। ईरान ने विशेष रूप से सऊदी अरब की 'समरेफ रिफाइनरी' और उसके 'जुबैल पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स' को निशाना बनाने की धमकी दी है। उसने यूएई के 'अल हसन गैस फील्ड' और कतर में स्थित पेट्रोकेमिकल संयंत्रों तथा एक रिफाइनरी पर भी हमले की धमकी दी है।
ईरान कहां-कहां कर सकता है हमला
- सऊदी अरब की 'समरेफ रिफाइनरी'
- यूएई के 'अल हसन गैस फील्ड'
- सऊदी अरब के जुबैल का पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स
- कतर की मेसाईद पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स और मेसाईद होल्डिंग कंपनी
- कतर का रास लफान रिफाइनरी (फेज 1 और 2)
कतर ने इजरायल को घेरा
अपतटीय साउथ पार्स क्षेत्र में हमले के बाद कतर ने इजरायल को जिम्मेदार ठहराया और इसे 'खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना' कदम करार दिया। कतर ने कहा कि ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे पर हमला न सिर्फ वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि इससे क्षेत्र के लोगों और पर्यावरण पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।
ईरान की गैस संयंत्रों पर भीषण हमला
ईरान के विशाल अपतटीय साउथ पार्स क्षेत्र में प्राकृतिक गैस संयंत्रों पर बुधवार को हमला हुआ। ईरान के सरकारी टेलीविजन और सरकारी समाचार एजेंसी 'इरना' ने देश के दक्षिणी बुशहर प्रांत के असलुयेह में स्थित संयंत्रों को निशाना बनाकर किए गए हमले की खबर दी। हालांकि, हमले से जुड़ा विवरण साझा नहीं किया।
ईरान और कतर फारस की खाड़ी में स्थित अपतटीय तेल क्षेत्र साझा करते हैं। ईरान ने युद्ध के दौरान अन्य खाड़ी देशों के साथ ही कतर पर कई बार हमले किए हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह हमला अमेरिका ने किया या इजरायल ने, लेकिन अमेरिका मुख्य रूप से दक्षिणी ईरान को निशाना बना रहा है। अमेरिका ने इससे पहले फारस की खाड़ी में स्थित ईरान के मुख्य तेल टर्मिनल, खार्ग द्वीप पर हमला किया था।
