ईरान ने कहा कि मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के साथ संदेशों का आदान-प्रदान चल रहा है और 'सब कुछ' इस बात पर निर्भर करता है कि अमेरिका, तेहरान की शर्तों को मानता है या नहीं। ईरान-अमेरिका युद्ध के भविष्य को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच, तेहरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने सोमवार को कहा कि अगर अमेरिका उसकी मांगें मान लेता है, तो ईरान दो दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए तैयार है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (फाइल फोटो)
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक ईरानी अधिकारी ने बताया कि मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के साथ बातचीत चल रही है और 'सब कुछ' इस बात पर टिका है कि अमेरिका, ईरान की मांगें स्वीकार करता है या नहीं, 'तभी हम आगे के चरणों पर चर्चा कर सकते हैं।'
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बकाई के हवाले से कहा गया, 'हमने स्पष्ट कर दिया है कि अगर ईरान की मांगें पूरी हो जाती हैं, तो होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा बहाल करना और कुछ ही समय में बातचीत की प्रक्रिया को फिर से शुरू करना संभव होगा।' ईरान की मांगों में मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध को सभी मोर्चों पर खत्म करना, विदेशों में मौजूद ईरानी संपत्तियों से रोक हटाना, तेल क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों को खत्म करना और अमेरिका द्वारा लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी को समाप्त करना शामिल है।
'...ताकि इस जलडमरूमध्य से आवाजाही हो सके'
अल जजीरा को दिए एक इंटरव्यू में, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका को उस नए रास्ते को स्वीकार करना होगा जिस पर ईरान और ओमान के बीच सहमति बनी है, ताकि इस जलडमरूमध्य से आवाजाही हो सके। उन्होंने कहा कि अमेरिका को हाल के महीनों में लगाए गए प्रतिबंधों को भी हटाना होगा और इस क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम करनी होगी।
अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर हमले की चिंताएं
ईरान का यह प्रस्ताव-कि वह दो दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल सकता है-ऐसे समय में आया है जब इस बात को लेकर काफी चिंताएं हैं कि अमेरिका और इजरायल, मंगलवार को अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों (midterm elections) के तुरंत बाद तेहरान पर हमला कर सकते हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर दबाव डाल रहे हैं कि वे चुनावों के तुरंत बाद ईरान पर हमला करें, लेकिन ट्रंप यह देखना चाहते हैं कि बातचीत का नतीजा क्या निकलता है।
'नेतन्याहू के साथ उनकी 'बहुत अच्छी' बातचीत हुई'
ट्रंप ने पत्रकारों को बताया कि नेतन्याहू के साथ उनकी 'बहुत अच्छी' बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने ईरान के बारे में चर्चा की, लेकिन कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। एक इजरायली सूत्र के हवाले से कहा कि यह बातचीत 'कठोर' थी, जबकि अमेरिकी सूत्र ने इसे 'सीधी-टू-द-पॉइंट' बातचीत बताया।फारस की खाड़ी में स्थित 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया की लगभग एक-पांचवीं तेल आपूर्ति गुजरती है। इस साल फरवरी में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव शुरू होने के बाद से, यहां लगातार बाधाएं आ रही हैं।
