अमेरिकी और इजरायली बलों की संयुक्त कार्रवाई में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद खाड़ी देश में नेतृत्व परिवर्तन की शुरुआत हो गई है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के उत्तराधिकारी का चयन करने के लिए गठित धार्मिक निकाय ने अपना निर्णय ले लिया है। तेहरान ने रविवार को यह घोषणा की। हालांकि उत्तराधिकारी के नाम का अभी तक एलान नहीं किया गया है,लेकिन सूत्रों का कहना है कि अयातुल्ला अली खामेनेई के के पुत्र मोजतबा हुसैनी खामेनेई ही ईरान के नए सुप्रीम लीडर होंगे।
अयातुल्लाह अली खामेनेई।
अयातुल्ला मोहसिन हेदरी अलेकासिर बोले- हो गया नाम तय
ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के सदस्य अयातुल्ला मोहसिन हेदरी अलेकासिर ने कहा है कि नए सुप्रीम लीडर के लिए एक उम्मीदवार का चयन कर लिया गया है। नूरन्यूज द्वारा जारी एक वीडियो में हेदरी अलेकासिर ने कहा कि खामेनेई की सलाह के अनुसार ऐसे व्यक्ति को चुना जाना चाहिए जो “दुश्मनों के लिए अस्वीकार्य” हो। उन्होंने कहा कि असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के बहुमत द्वारा अनुमोदित सबसे उपयुक्त उम्मीदवार तय कर लिया गया है।
हेदरी अलेकासिर ने यह भी कहा कि यहां तक कि अमेरिका ने भी उसके नाम का उल्लेख किया है। उनका इशारा अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान की ओर माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को अमेरिका के लिए “अस्वीकार्य विकल्प” बताया था।
इससे पहले Iran International ने सूत्रों के हवाले से दावा किया था कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के दबाव के बीच मोजतबा खामेनेई को अगले सुप्रीम लीडर के रूप में चुना गया है। हालांकि इस पर ईरानी अधिकारियों की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
कुछ प्रक्रिया अभी बाकी
हालांकि ईरान की सरकारी एजेंसी मेहर न्यूज ने असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के सदस्य अयातुल्ला मोहम्मद महदी मीरबाघेरी के हवाले से बताया कि उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया में अभी कुछ बाधाएं बाकी हैं और अंतिम फैसला अभी होना बाकी है।
बीते पांच दशक में ईरान में हुए केवल दो ही सुप्रीम लीडर
ईरान में सुप्रीम लीडर का चयन 88 सदस्यीय असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स द्वारा किया जाता है। पिछले करीब पांच दशकों में ईरान में केवल दो ही सुप्रीम लीडर रहे हैं आयातुल्ला रुहोल्लाह खोमेनी और अयातुल्ला अली खामेनेई। खामेनेई ने करीब 37 वर्षों तक ईरान का नेतृत्व किया। उनकी मौत के बाद अब देश में सत्ता के नए केंद्र को लेकर राजनीतिक और रणनीतिक हलचल तेज हो गई है।
28 फरवरी को हुई थी खामेनेई की मौत
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा तेहरान पर किए गए हमलों में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इन हमलों में कई वरिष्ठ सैन्य और राजनीतिक नेताओं को भी निशाना बनाया गया था। बताया गया कि उस हमले में मोजतबा खामेनेई बच गए थे।
इसी बीच इजराइल ने चेतावनी दी है कि वह ईरान के नए सुप्रीम लीडर को भी निशाना बनाने से पीछे नहीं हटेगा। इजराइली सेना ने कहा कि वह खामेनेई के उत्तराधिकारी के चयन की प्रक्रिया से जुड़े किसी भी व्यक्ति का पीछा कर सकती है।
