Iran US Conflict: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष समाप्त होने का नाम ही नहीं ले रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगले दो से तीन सप्ताह में ईरान पर कड़ा प्रहार करने की बात कही, जबकि तेहरान अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की योजना बना रहा है। इसी कड़ी में, ईरान की संसद के अध्यक्ष का एक बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने अमेरिका के खिलाफ जमीनी युद्ध के लिए तैयार योजना का जिक्र किया।
ईरान अमेरिका के खिलाफ संघर्ष जारी (फोटो साभार: AI)
क्या है तेहरान का प्लान?
संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कालीबाफ ने दावा किया कि अमेरिका के खिलाफ जमीनी लड़ाई के लिए 70 लाख ईरानी तैयार हैं। उन्होंने बताया कि एक हफ्ते से भी कम समय में पूरे देश में एक बड़ा अभियान चलाया गया, जिसमें लगभग 70 लाख ईरानी सामने आए, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए हथियार उठाने की बात कही।
संसद अध्यक्ष कालीबाफ ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ''एक हफ्ते से भी कम समय में पूरे देश में चले एक शक्तिशाली अभियान के तहत लगभग 70 लाख ईरानी सामने आए हैं, जिन्होंने हथियार उठाकर देश की रक्षा करने की इच्छा जताई है।''
युद्ध में शामिल हो रहे 12 साल तक के बच्चे?
पिछले कई दिनों से यह दावा सोशल मीडिया पर चर्चा के केंद्र में बना हुआ है, लेकिन लगभग 9 करोड़ आबादी वाले ईरान में कालीबाफ इस आंकड़े का जिक्र करने वाले पहले बड़े नेता हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह संख्या कहां से आई है। सरकारी मीडिया और मैसेज कैंपेन के जरिए लोगों से स्वयंसेवा की अपील की गई है। वहीं, अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (Revolutionary Guard) की स्वयंसेवी बासिज फोर्स ने 12 साल तक के बच्चों को भी शामिल करना शुरू कर दिया है।
हालांकि, तेहरान ने पहले ही कई बार साफ किया है कि अगर हमारी धरती पर अमेरिकी सैनिक दाखिल होते हैं तो उन्हें ताबूत में भेजा जाएगा।
इजरायल ने ईरान को धमकाया
इस बीच, इजरायल ने गुरुवार को ईरान पर और मिसाइलें दागने की चेतावनी दी। जिसके कुछ वक्त बाद ही येरुशलम और आस-पास के इलाकों में हवाई हमले के सायरन बजने लगे। ईरान ने गुरुवार को इजरायल और खाड़ी के अरब देशों पर और मिसाइलें दागकर यह संकेत दिया कि वह फिलहाल हमले नहीं रोकेगा।
'ईरान की नौसेना हो चुकी है तबाह'
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय 'व्हाइट हाउस' के क्रॉस हॉल में बुधवार रात कहा कि पिछले एक महीने में ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी' की कार्रवाई से ईरान की मिसाइल और ड्रोन दागने की क्षमता में उल्लेखनीय कमी आई है और हथियार बनाने वाली उसकी फैक्टरी एवं रॉकेट प्रक्षेपक तहस-नहस किए जा रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान की नौसेना खत्म हो चुकी है, उसकी वायु सेना तबाह हो चुकी है और उस देश के नेता अब मारे जा चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को इस वक्त हमारी कार्रवाई में बुरी तरह तबाह किया जा रहा है।
