Iran attacks US bases : ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध एक बार फिर शुरू हो गया है। दोनों तरफ से एक-दूसरे को निशाना बनाते हुए हमले हुए हैं। अपने बंदरगाह बंदर अब्बास पर हुए अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने जॉर्डन एवं बहरीन स्थित एक अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले और बहरीन में बड़े पैमाने पर ड्रोन से हमले किए। द इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने अपने बयान में कहा कि 'उसने आक्रमणकारी को अफसोसजनक जवाब दिया।' आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने बैलिस्टिक मिसाइलों से जॉर्डन स्थित एक अमेरिकी बेस पर हमले किए। ईरानी मीडिया की रिपोर्ट में बहरीन स्थित एक अमेरिकी सैन्य पर बड़े स्तर पर ड्रोन हमला करने का दावा किया गया है।
जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य बेस पर ईरान ने किया हमला। -फाइल पिक्चर, X@CENTCOM
सुनसान क्षेत्रों में गिरीं मिसाइलें
जॉर्डन ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने उसके हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई 13 बैलिस्टिक मिसाइलों में से 10 को रोक दिया, जबकि तीन मिसाइलें आबादी वाले इलाकों से दूर सुनसान क्षेत्रों में गिरीं। इस बीच, कुवैत ने कहा कि ईरानी हमले के बाद उसकी वायु रक्षा प्रणालियां शत्रुतापूर्ण ड्रोन हमलों का जवाब दे रही हैं। यह ताजा तनाव उस समय बढ़ा जब अमेरिकी सेना ने मंगलवार को दो दिनों में दूसरी बार ईरान पर हमला किया। इस दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों को निशाना बनाया गया।
समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की नाकाम कोशिश
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि किसी भी जवाबी कार्रवाई पर अमेरिका उससे कहीं अधिक कड़ा जवाब देगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी ठिकानों पर 'बड़े और शक्तिशाली' हमले कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी अभियान ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की कथित नाकाम कोशिश और जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के मिसाइल हमले के जवाब में किया गया।
होर्मुज की नाकेबंदी और कड़ी हो गई है
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी फार्स न्यूज ने बताया कि जवाबी सैन्य अभियान शुरू हो गया है। IRGC ने कहा कि उसने हमलावरों के खिलाफ 'अफसोसजनक जवाब' शुरू किया है। IRGC ने अमेरिका पर कई स्थानों, जिनमें नागरिक इलाके भी शामिल हैं, पर 'अंधाधुंध और हताश हमले' करने का आरोप लगाया। उसने कहा कि इन हमलों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी और कड़ी हो गई है और रणनीतिक जलमार्ग में मौजूद विदेशी सेनाओं का मुकाबला करने के लिए ईरानी लड़ाकों का संकल्प और मजबूत हुआ है।
'बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारे गए'
IRGC ने एक बयान में कहा कि उसने जॉर्डन स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। IRGC ने एक अन्य बयान में यह भी दावा किया कि इस हमले में 'बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारे गए।' हालांकि, इस दावे पर अमेरिका की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
