India-US Trade Talk: भारत और अमेरिका के मुख्य वार्ताकारों ने प्रस्तावित व्यापार समझौते पर मंगलवार को बातचीत शुरू कर दी है। इसमें निर्यातकों के लिए अनिश्चितता पैदा करने वाले भारी शुल्कों के मद्देनजर मुद्दों को सुलझाने के प्रयास किए जाएंगे। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। दक्षिण और मध्य एशिया के लिए सहायक अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच अमेरिकी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं, जबकि वाणिज्य विभाग में विशेष सचिव राजेश अग्रवाल भारत के मुख्य वार्ताकार हैं। लिंच अपने भारतीय समकक्ष के साथ एक दिवसीय वार्ता के लिए सोमवार देर रात भारत पहुंचे। रूसी कच्चा तेल खरीदने के लिए अमेरिकी बाजार में प्रवेश करने वाले भारतीय सामान पर 25 प्रतिशत शुल्क और 25 प्रतिशत अतिरिक्त जुर्माना लगाए जाने के बाद किसी उच्च पदस्थ अमेरिकी व्यापार अधिकारी की यह पहली यात्रा है। अधिकारी ने कहा कि व्यापार वार्ता शुरू हो गई है। अब सबकी नजरें इस ओर लगी हैं कि क्या टैरिफ तनाव के बीच किसी ट्रेड समझौते की खबर आएगी।
भारत-अमेरिका के बीच आज से व्यापार वार्ता (AP)
भारत पर टैरिफ लगने से रुकी थी बातचीत
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, दक्षिण एशिया के लिए अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच वार्ता के दौरान अमेरिकी पक्ष का नेतृत्व करेंगे, जबकि वाणिज्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी राजेश अग्रवाल भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। पिछले हफ़्ते ट्रंप ने कहा था कि वह भारत के साथ एक व्यापार समझौते को लेकर आशावादी हैं। नई दिल्ली के अधिकारी इस बदलाव को एक मुक्त व्यापार समझौते को बचाने के लिए एक संभावित अवसर के रूप में देख रहे हैं, जो 27 अगस्त से लागू हुए शुल्कों के कारण संदेह के घेरे में आ गया था।
ब्रेंडन लिंच करेंगे वार्ता
ब्रेंडन लिंच अमेरिका के सहायक व्यापार प्रतिनिधि (दक्षिण एवं पश्चिम एशिया) हैं। प्रस्तावित व्यापार समझौते पर दोनों देशों के बीच अबतक पांच दौर की वार्ता हो चुकी है। वार्ता का छठा दौर 25-29 अगस्त के बीच होना था लेकिन अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने के बाद इसे टाल दिया गया था। एक अधिकारी ने कहा कि मंगलवार को होने वाली यह बातचीत छठे दौर की वार्ता से पहले की तैयारी होगी।
भारत का निर्यात प्रभावित हुआ
अमेरिकी प्रशासन द्वारा लगाए गए ऊंचे शुल्क से भारत का निर्यात प्रभावित हुआ है। इस तनाव की वजह से प्रस्तावित व्यापार समझौते की प्रगति भी बाधित हुई है।दोनों देशों ने पहले सितंबर-अक्टूबर तक समझौते के पहले चरण को संपन्न करने की मंशा जताई थी। लिंच एशिया के इस क्षेत्र के 15 देशों के साथ अमेरिका की व्यापार नीति तैयार करने और उसके क्रियान्वयन की देखरेख करते हैं। इसमें भारत-अमेरिका व्यापार नीति मंच का प्रबंधन और क्षेत्रीय भागीदारों के साथ व्यापार एवं निवेश रूपरेखा समझौतों के तहत गतिविधियों का समन्वय शामिल है।
गतिरोध को तोड़ने की कोशिश
बहरहाल, आज की वार्ता को गतिरोध को तोड़ने के लिए वाशिंगटन और नई दिल्ली द्वारा नए सिरे से प्रयास का संकेत माना जा रहा है। ट्रंप प्रशासन द्वारा अमेरिका आने वाले कई भारतीय उत्पादों पर कुल 50 फीसदी टैरिफ लगाने के बाद से भारत और अमेरिका के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। भारत ने इन टैरिफ को गलत और अनुचित बताया है। वहीं, ट्रंप और उनके मंत्री लगातार भारत पर हमला बोल रहे हैं।
