PM Modi and Sanae Takaichi Meeting: दुनिया भर में जारी भू-राजनीतिक उठापटक और अनिश्चितताओं के बीच भारत और जापान ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को अभेद्य बनाने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की तीन दिवसीय आधिकारिक भारत यात्रा के दौरान, दोनों देशों ने रणनीतिक कच्चे तेल के भंडारण, पेट्रोलियम रिजर्व सिस्टम और समुद्री ऊर्जा परिवहन को मजबूत करने पर अपनी सहमति जताई है।
ग्लोबल संकट के बीच भारत-जापान का बड़ा कदम
भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय और जापान (India Japan Deal) के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय (METI) द्वारा जारी एक साझा बयान में कहा गया कि एशिया की दो बड़ी जिम्मेदार शक्तियां होने के नाते, दोनों देश मिलकर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाएंगे। इस समझौते के तहत भारत और जापान कच्चे तेल के रणनीतिक भंडारों को लेकर अपने अनुभवों और तकनीकों को साझा करेंगे, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति (Emergency) या बाजार के उतार-चढ़ाव से आसानी से निपटा जा सके।
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समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर दें खास ध्यान
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इस द्विपक्षीय वार्ता के नतीजों की जानकारी देते हुए बताया कि दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच बातचीत का मुख्य फोकस ऊर्जा सुरक्षा ही था। तेल और गैस के सुरक्षित परिवहन के लिए समुद्री रास्तों (Maritime Logistics) को चुस्त-दुरुस्त और सुरक्षित बनाना बेहद जरूरी है। दोनों देशों ने कड़े शब्दों में कहा कि वैश्विक व्यापारिक समुद्री मार्गों पर किसी भी तरह की पाबंदी या रुकावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके लिए दोनों देशों की कंपनियां मिलकर लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में संयुक्त निवेश भी करेंगी। इस काम के लिए भारत की तेल कंपनियों और 'इंडियन स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड' (ISPRL) के साथ जापान की संस्थाएं मिलकर काम करेंगी।
ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ते कदम
पारंपरिक तेल और गैस के अलावा, दोनों नेताओं ने भविष्य की क्लीन एनर्जी पर भी विशेष जोर दिया। इस यात्रा के दौरान 'भारत-जापान कोऑपरेटिव बायोगैस फॉर ग्रोथ' नाम से एक नई और महत्वाकांक्षी पहल की घोषणा की गई। इसके तहत भारत के ग्रामीण इलाकों में बायोमास का उपयोग करके करीब 1,000 नए बायोगैस प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
इसके अलावा ग्रीन अमोनिया, हाइड्रोजन, सोलर और न्यूक्लियर एनर्जी जैसे प्रोजेक्ट्स में भी दोनों देश मिलकर सहयोग बढ़ाएंगे, जिससे प्रदूषण मुक्त ऊर्जा के लक्ष्यों को हासिल किया जा सके।
