Bangladeshi student leaders Visa: बांग्लादेश में भारत विरोधी मुहिम जोरों पर है और लगातार भारत को बदनाम करने की कोशिशें जारी हैं। इस काम में वहां का मीडिया भी खूब सक्रिय है और आए दिनों फर्जी खबरें फैलाई जा रही हैं। इसी सिलसिले में वहां के मीडिया द्वारा 6 छात्र नेताओं पर वीजा प्रतिबंध की खबर उड़ाई गई है। हालांकि, भारत ने इसका खंडन किया है। इससे पहले बांग्लादेश में आई बाढ़ को लेकर भी वहां के मीडिया ने भारत विरोधी खबरें चलाई थीं और इसके लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया था।
बांग्लादेश में भारत विरोधी मुहिम
छह बांग्लादेशी छात्र नेताओं के वीजा की फर्जी खबरें
बांग्लादेशी मीडिया के एक वर्ग में छह बांग्लादेशी छात्र नेताओं पर भारत की ओर से वीजा प्रतिबंध लगाए जाने संबंधी खबर फर्जी है। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। खबरों में यह भी दावा किया गया कि भारत विरोधी भावनाएं भड़काने के कारण इन छात्र नेताओं के खिलाफ यह कार्रवाई की गई। एक बंगाली भाषा के बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट ने एक सितंबर को छह छात्र नेताओं पर भारतीय वीजा प्रतिबंध शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी और इसमें छह छात्र नेताओं के नाम भी दिए थे।
हालांकि, नई दिल्ली स्थित आधिकारिक सूत्रों ने इन खबरों को फर्जी खबर करार दिया। बांग्लादेश में जुलाई में छात्रों के नेतृत्व में शुरू हुआ सरकार विरोधी प्रदर्शन पूरे देश में फैल गया था जिसकी वजह से शेख हसीना की सरकार गिर गई और उन्हें पांच अगस्त को देश छोड़कर भारत आना पड़ा।
भारत ने बांग्लादेश में बाढ़ संबंधी खबरों को खारिज किया
बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में आई बाढ़ के लिए भारत को दोषी ठहराने संबंधी खबरों के बीच विदेश मंत्रालय ने इन्हें तथ्यात्मक रूप से गलत बताते हुए खारिज कर दिया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक सवाल के जवाब में कहा, हमने बांग्लादेश में बाढ़ पर खबर देखी है, यह भ्रामक है और तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है और इसमें भारत सरकार द्वारा हाल में जारी प्रेस विज्ञप्तियों में उल्लेखित तथ्य की अनदेखी की गई है, जिसमें स्थिति को स्पष्ट किया गया है।
पिछले दिनों कुछ खबरों में दावा किया गया है कि बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में बाढ़ भारत में एक बांध के गेट खोलने के कारण आई है। जायसवाल ने कहा कि पूर्वी त्रिपुरा और पूर्वी बांग्लादेश में बाढ़ लगातार और अत्यधिक बारिश के कारण आई है। जायसवाल ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार और ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग के बीच हुई बातचीत का ब्योरा भी साझा किया। उन्होंने कहा, कुछ दिन पहले ही उन्होंने हमारे संबंधों के कई पहलुओं पर चर्चा की थी। उन्होंने इस बारे में भी बात की कि भारत किस तरह बांग्लादेश के साथ मिलकर काम करना जारी रखना चाहेगा, ताकि दोनों देशों के लोगों की समृद्धि, सुरक्षा और विकास की साझा आकांक्षाओं को पूरा किया जा सके।
