इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि उनके कोर्ट मार्शल के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इससे पहले देश की शक्तिशाली सेना ने कहा था कि नौ मई को हुई हिंसा के षडयंत्रकारियों के खिलाफ सैन्य अदालतों में सुनवाई की जाएगी। एक दिन पहले ही देश के गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह ने नौ मई की हिंसा के लिए खान को जिम्मेदार बताया था। भ्रष्टाचार के एक मामले में खान की गिरफ्तारी के बाद देश भर में हिंसा फैल गई थी। खान गुरुवार को 10 विभिन्न मामलों के सिलसिले में इस्लामाबाद हाईकोर्ट के सामने पेश होने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख खान (70) ने कहा कि उन्हें पता था कि एक सैन्य अदालत द्वारा उनकी सुनवाई की जाएगी। उन्होंने सैन्य अदालत में एक असैनिक की सुनवाई को पाकिस्तान में लोकतंत्र का अंत और न्याय का अंत बताया।
इमरान खान का होगा कोर्ट मार्शल! (तस्वीर-AP)
समाचार पत्र ‘डॉन’ ने खान के हवाले से कहा कि सैन्य अदालत में मुकदमा अवैध होगा। खान ने कहा कि वे लोग जानते हैं कि मेरे खिलाफ दर्ज 150 से अधिक मामले निराधार हैं और इन फर्जी मामलों में मुझे दोषी ठहराए जाने की कोई संभावना नहीं है, इसलिए उन्होंने सैन्य अदालत में मेरा मुकदमा चलाने का फैसला किया है। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी एक सैन्य अदालत में खान के मुकदमे का संकेत दिया है। सरकार के मंत्रियों ने बार-बार कहा है कि कोई नई सैन्य अदालतें स्थापित नहीं की जाएंगी और संदिग्धों पर विशेष स्थायी अदालतों में मुकदमा चलाया जाएगा। खान ने हिंसा में अपनी संलिप्तता से इनकार करते हुए कहा कि जब घटनाएं हुईं तो वह जेल में थे। उन्होंने कहा है कि सत्ता प्रतिष्ठान उन्हें राजद्रोह के एक मामले में 10 साल तक जेल में रखने की साजिश कर रहा है।
इस बीच खान ने पार्टी के भीतर दरकिनार किए जाने की अटकलों को दूर किया और पाकिस्तान छोड़ने की अफवाहों को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि किसी अन्य देश में रहने के लिए मेरे पास पैसा नहीं है क्योंकि ब्रिटिश पाउंड 400 रुपये (पाकिस्तानी) को पार कर गया है और मैं वहां रहने का खर्च नहीं उठा सकता। खान ने पीटीआई के उपाध्यक्ष शाह महमूद कुरैशी के साथ कटु मुलाकात की अफवाहों को भी खारिज कर दिया और कहा कि पूर्व विदेश मंत्री के साथ उनके सौहार्दपूर्ण संबंध हैं।
इससे पहले खान रावलपिंडी में राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) के कार्यालय में चार घंटे रहे और अल कादिर भ्रष्टाचार मामले में ब्यूरो के सवालों का विस्तार से जवाब दिया। अल-कादिर भ्रष्टाचार मामले में एनएबी द्वारा इस्लामाबाद हाईकोर्ट के परिसर से पूर्व प्रधानमंत्री खान की गिरफ्तारी के बाद भड़की हिंसा में कम से कम 10 लोग मारे गये थे और कई अन्य घायल हो गये थे।
प्रदर्शनकारियों ने नौ मई को लाहौर कोर कमांडर हाउस, मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में आईएसआई भवन सहित 20 से अधिक सैन्य प्रतिष्ठानों और सरकारी इमारतों पर हमला किया था। रावलपिंडी में सेना मुख्यालय (जीएचक्यू) पर भी पहली बार भीड़ ने हमला किया था। खान को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया था।
