Parliament Salary Cut 40 Percent: राजनीति में अमूमन नेता अपनी सैलरी और भत्ते बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन यूरोपीय देश हंगरी से एक ऐसा ऐतिहासिक और हैरान कर देने वाला फैसला सामने आया है, जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। हंगरी की संसद ने एकमत होकर देश के सभी सांसदों की बेसिक सैलरी और भत्तों में 40 प्रतिशत की भारी कटौती करने वाले बिल को मंजूरी दे दी है।
इस देश के सांसदों ने खुद अपनी सैलरी पर चलाई 40% कैंची, इतिहास में पहली बार एक झटके में राजी हुए सभी MP
प्रशासनिक खर्चों को कम करने और देश की डगमगाती अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने यह ऐतिहासिक कदम उठाया है। 199 सदस्यों वाली इस संसद में मतदान के दौरान मौजूद सभी 189 सांसदों ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस बिल के समर्थन में वोट किया। अगले महीने से यहां के सांसदों की मंथली बेसिक सैलरी टैक्स कटने से पहले करीब 3,690 यूरो (लगभग 3.30 लाख रुपये) हो जाएगी।
सिर्फ सांसद ही नहीं, प्रधानमंत्री की जेब पर भी चलेगी कैंची
इस कड़े फैसले की सबसे बड़ी बात यह है कि यह नियम सिर्फ आम सांसदों पर ही नहीं, बल्कि सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों पर भी लागू होगा:
पीएम और स्पीकर की सैलरी भी घटेगी: समाचार एजेंसी एएफपी (AFP) के मुताबिक, सैलरी में यह 40% की कटौती खुद देश के प्रधानमंत्री, संसदीय अध्यक्ष (स्पीकर) और सभी संसदीय समितियों के सदस्यों पर भी समान रूप से लागू होगी।
सारे मुफ्त वीआईपी भत्ते बंद: नेताओं को मिलने वाली मुफ्त वीआईपी सुविधाएं छीन ली गई हैं। अब उन्हें मोबाइल फोन बिल का कोई रीइंबर्समेंट (पैसा वापस) नहीं मिलेगा। इसके अलावा ऑफिस रेंट, सरकारी आवास और स्टाफ रखने के लिए मिलने वाले भत्तों में भी भारी कटौती की गई है।
भ्रष्टाचार और वित्तीय घाटे पर लगाम लगाने की कोशिश
हंगरी के नए प्रधानमंत्री पीटर मग्यार इसी साल अप्रैल में भ्रष्टाचार को खत्म करने और बड़े सुधारों के वादे के साथ सत्ता में आए थे। उन्होंने टीवी चैनल आरटीएल (RTL) से बात करते हुए इस फैसले का बचाव किया और कहा कि यह फैसला केवल पैसों की बचत के बारे में नहीं है, बल्कि यह जनता के प्रति आत्म-संयम, मानवता और विनम्रता दिखाने का जरिया है।
