Hungary Family Protection Action Plan: सोशल मीडिया पर अक्सर यह खबर सुर्खियां बटोरती है कि दुनिया में एक ऐसा देश है जहां शादी करने पर सरकार नवविवाहितों को 25 लाख रुपये से अधिक का लोन देती है और यदि दंपत्ति के 3 बच्चे हो जाते हैं, तो यह पूरा कर्ज माफ कर दिया जाता है।
शादी करने पर 25 लाख रुपये का ब्याज-मुक्त लोन दे रही सरकार! अगर 3 बच्चे हो गए तो पूरा कर्ज माफ
यह कोई फर्जी दावा या इंटरनेट की अफवाह नहीं है, बल्कि मध्य यूरोपीय देश हंगरी (Hungary) की आधिकारिक सरकारी नीति है। घटती आबादी और देश में गिरते जन्मदर की राष्ट्रीय समस्या से निपटने के लिए हंगरी सरकार ने यह ऐतिहासिक कदम उठाया था।
आइए जानते हैं इस योजना की पूरी टाइमलाइन, शर्तें और 2026 में इसका वर्तमान स्टेटस।
योजना की टाइमलाइन और पृष्ठभूमि
फरवरी 2019 (घोषणा): हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान (Viktor Orbán) ने देश की गिरती जन्मदर को रोकने और बाहरी प्रवासियों पर निर्भरता कम करने के लिए 'फैमिली प्रोटेक्शन एक्शन प्लान' (Family Protection Action Plan) की घोषणा की।
जुलाई 2019 (योजना लागू): इस मास्टर प्लान के तहत 'बेबी एक्सपेक्टेंसी लोन' (Baby Expectancy Loan / Babaváró Hitel) की शुरुआत हुई।
2024 - 2025 (सुधार और विस्तार): योजना की सफलता को देखते हुए सरकार ने इसके दायरे को और बढ़ाकर 'CSOK Plusz' और 'वर्कर लोन' जैसी आवास एवं पारिवारिक सब्सिडी योजनाओं से जोड़ दिया।
वर्ष 2026 (वर्तमान स्थिति): यह योजना आज भी हंगरी में पूरी तरह से लागू और सक्रिय है। 2025-26 के बजट प्रावधानों के तहत हंगरी अपनी कुल जीडीपी (GDP) का लगभग 4% हिस्सा पारिवारिक प्रोत्साहन योजनाओं पर खर्च कर रहा है।
कैसे काम करता है लोन माफी का यह मॉडल?
हंगरी सरकार नवविवाहित जोड़ों को 10 मिलियन से 11 मिलियन हंगेरियन फोरिंट (हंगरी की मुद्रा) (HUF) (भारतीय रुपये में लगभग 23 से 26 लाख रुपये) तक का ब्याज-मुक्त लोन प्रदान करती है। इस लोन का उपयोग दंपति घर खरीदने, बच्चों के लालन-पालन या पारिवारिक जरूरतों के लिए स्वतंत्र रूप से कर सकते हैं।
इसके बाद बच्चों के जन्म के आधार पर कर्ज राहत दी जाती है:
पहला बच्चा होने पर: लोन की मासिक किस्तों को 3 साल के लिए रोक दिया जाता है।
दूसरा बच्चा होने पर: लोन की बची हुई कुल राशि का 50% हिस्सा पूरी तरह माफ कर दिया जाता है।
तीसरा बच्चा होने पर: लोन का 100% हिस्सा (पूरा कर्ज) पूरी तरह से माफ कर दिया जाता है। यानी दंपति को एक भी पैसा वापस नहीं लौटाना पड़ता।
