ग्लोबल साउथ अक्सर दोहरे मानदंडों का शिकार रहा है, BRICS समिट में पीएम मोदी की खरी-खरी, आतंकवाद को बताया सबसे बड़ी चुनौती

BRICS समिट में पीएम मोदी ने कहा कि ग्लोबल साउथ के बिना ये संस्थाएं सिम कार्ड वाले मोबाइल फोन की तरह लगती हैं, लेकिन नेटवर्क नहीं। पीएम मोदी ने कहा कि ग्लोबल अक्सर दोहरे मानदंडों का शिकार रहा है।

PM Modi At BRICS: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन में खरी-खरी बात करते हुए कहा कि ग्लोबल साउथ (Global South) अक्सर दोहरे मानदंडों का शिकार रहा है और विश्व अर्थव्यवस्था में प्रमुख योगदान देने वाले राष्ट्र निर्णय लेने वाली सीट से वंचित हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सहित प्रमुख निकायों में तत्काल सुधार के लिए जोर डाला। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में एक संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि 20वीं सदी में गठित वैश्विक संस्थाओं में मानवता के दो-तिहाई हिस्से को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला है।

BRICS

ब्रिक्स सम्मेलन में पीएम मोदी

आतंकवाद के खिलाफ खरी-खरी बात

वहीं, पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भी इस मंच पर साफ संदेश दिया। पीएम मोदी ने कहा, आतंकवाद आज मानवता के लिए सबसे गंभीर चुनौती बन गया है। पहलगाम आतंकी हमला न केवल भारत बल्कि पूरी मानवता पर आघात था। आतंकवादियों के खिलाफ प्रतिबंध लगाने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। आतंकवाद के पीड़ितों और समर्थकों को एक तराजू पर नहीं तोला जा सकता। व्यक्तिगत या राजनीतिक हित के लिए आतंक या आतंकवादियों को समर्थन व मौन सहमति देना स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। आतंकवाद के संबंध में कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं होना चाहिए।

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