लंदन में भारतीय उच्चायोग में खालिस्तानी समर्थकों द्वारा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को नीचे खींचने के बाद, उच्चायोग की टीम ने आज इमारत के ऊपर एक विशाल तिरंगा लगा दिया। यह बड़े पैमाने पर विरोध और भारतीयों द्वारा व्यापक निंदा के बीच हुआ है, जो 19 मार्च को हुए इस अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, जहां खालिस्तानी झंडे वाले पुरुषों के एक समूह ने भारतीय ध्वज को खींच लिया था।
लंदन में भारतीय उच्चायोग की इमारत के ऊपर शान से लहरा रहा है तिरंगा
समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा शेयर किया गया एक वीडियो आज उच्चायोग भवन के ऊपर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज लगाने वाली टीम को दिखाता है।
खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारियों ने बोतलें और अन्य वस्तुएं फेंकी
लंदन में भारतीय उच्चायोग के पास लगभग 2,000 प्रदर्शनकारी खालिस्तान के झंडे लहराते हुए बुधवार को एक सुनियोजित प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हुए और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था एवं अवरोधक लगे होने के बीच कुछ वस्तुएं फेंकी और नारे लगाए।
#WATCH | A giant Tricolour put up by the Indian High Commission team atop the High Commission building in London, U… t.co/kleDxkWLzZ
— ANI (@ANI) Mar 22, 2023
भारतीय उच्चायोग ने अपने भवन की छत पर एक अतिरिक्त तिरंगा फहरा कर प्रदर्शनकारियों को दिया, जिससे प्रदर्शनकारी और भड़क गए और पुलिस अधिकारियों तथा मीडिया कर्मियों पर कुछ वस्तुएं और पानी की बोतलें फेंकने लगे।
भारतीय उच्चायोग के बाहर बढ़ा दी गई नाकेबंदी
इस पर 'स्कॉटलैंड यार्ड' ने भारतीय उच्चायोग के बाहर नाकेबंदी बढ़ा दी और कई अतिरिक्त अधिकारियों को तुरंत वहां तैनात किया जिसमें से कई घोड़े पर सवार थे।बुधवार को पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए अधिक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। ब्रिटेन के विभिन्न हिस्सों से पगड़ीधारी पुरुषों और कुछ महिलाओं और बच्चों सहित प्रदर्शनकारी बस में लाए गए थे और उन्होंने खालिस्तान के समर्थन में नारे लगाए।
प्रदर्शनकारियों ने भारत विरोधी भाषण देने और कथित मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए पंजाब पुलिस पर निशाना साधने के लिए माइक का इस्तेमाल किया।
प्रदर्शन के दौरान खालिस्तान समर्थक झंडे लहराए गए थे
'इंडिया हाउस' के बाहर रविवार के हिंसक प्रदर्शन से पहले से ही 'फेडरेशन ऑफ सिख ऑर्गेनाइजेशंस और सिख यूथ जत्थेबंदिया जैसे समूहों द्वारा तथाकथित 'राष्ट्रीय प्रदर्शन' के आह्वान वाले बैनर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं। भारत सरकार ने अपने राजनयिक मिशन के बाहर सुरक्षा के इंतजाम में कमी को लेकर कड़ा विरोध जताया था। प्रदर्शन के दौरान खालिस्तान समर्थक झंडे लहराए गए थे और मिशन की खिड़कियां तोड़ दी गई थीं तथा तिरंगे को उतारने की कोशिश की गई थी।
