George Soros's son meets Yunus - अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जैसे ही बांग्लादेश को फंडिंग रोकी, उधर मो. यूनुस से मिलने अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस के बेटे पहुंच गए। जॉर्ज सोरोस पर कई देशों में शासन परिवर्तन और इसकी कोशिशों के गंभीर आरोप लगे हैं। जॉर्ज सोरोस के बेटे और उनकी ओपन सोसाइटी फाउंडेशन (OSF) के अध्यक्ष एलेक्स सोरोस ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा बांग्लादेश को विदेशी सहायता रोकने के कुछ दिनों बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस से मुलाकात की। पिछले साल अक्टूबर में न्यूयॉर्क में मुलाकात के बाद तीन महीने में सोरोस और यूनुस के बीच यह दूसरी मुलाकात है।
जॉर्ज सोरोस के बेटे ने की यूनुस से मुलाकात
यूनुस-जूनियर सोरोस की मुलाकात
ढाका में हुई बैठक का विवरण साझा करते हुए यूनुस ने कहा कि सोरोस और ओएसएफ प्रेसिडेंट बिनैफर नौरोजी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अंतरिम सरकार के सुधार एजेंडे के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया। यूनुस के कार्यालय ने ट्वीट किया, ओपन सोसाइटी फाउंडेशन के नेतृत्व ने बुधवार को मुख्य अंतरिम सलाहकार से मुलाकात कर बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण, यहां से निकाली गई संपत्ति का पता लगाने, गलत सूचना से निपटने और महत्वपूर्ण आर्थिक सुधार करने के प्रयासों पर चर्चा की।
बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, आर्थिक सुधार, मीडिया की स्वतंत्रता, संपत्ति की वसूली, नए साइबर सुरक्षा कानून और रोहिंग्या संकट का समाधान चर्चा के केंद्रीय विषय थे। दोनों ने पिछले साल 3 अक्टूबर को न्यूयॉर्क में भी बातचीत की थी, जिसमें एलेक्स सोरोस ने यूनुस को "मेरे पिता का पुराना दोस्त" कहा था। बांग्लादेश में माइक्रोफाइनेंस और सामाजिक गतिविधियों में अपने काम के लिए पहचाने जाने वाले यूनुस के जॉर्ज सोरोस से वित्तीय संबंध हैं।
सोरोस के ओएसएफ पर तख्तापलट के आरोप
गौरतलब है कि एलेक्स सोरोस ने हिलेरी क्लिंटन की पूर्व शीर्ष सहयोगी हुमा आबेदीन से सगाई कर ली है। सोरोस के ओएसएफ पर पूर्वी यूरोप, मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिका में शासन परिवर्तन को बढ़ावा देने का आरोप लगे हैं। कुछ लोगों का तर्क है कि इसने पिछले साल अगस्त में बांग्लादेश में शेख हसीना को सत्ता से हटाने में भूमिका निभाई थी। हसीना ने पहले आरोप लगाया था कि अमेरिका बांग्लादेश में अशांति में शामिल था, हालांकि उन्होंने अधिक विवरण नहीं दिया।
हंगरी में जन्मे अमेरिकी निवेशक जॉर्ज सोरोस और उनका संगठन हाल ही में भारत में भी सुर्खियों में आया है। उनका नाम अडानी समूह से जुड़े विवादों में सामने आया, जिसमें आरोप लगाया गया कि सोरोस द्वारा वित्त पोषित संगठन संगठित अपराध और भ्रष्टाचार रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (OCCRP) के पीछे थे, जिसने अडानी समूह पर अपनी कंपनियों में निवेश के लिए अपारदर्शी मॉरीशस-आधारित फंड का उपयोग करने का आरोप लगाया था।
बीजेपी ने गंभीर आरोप लगाए
हाल ही में बीजेपी ने गंभीर आरोप लगाया था कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के ऐसे संगठनों से संबंध हैं जिन्हें सोरोस से फंडिंग मिली है। सरकारी नीतियों की आलोचना करने वाले समूहों का समर्थन करने के लिए ओपन सोसाइटी फाउंडेशन की गतिविधियां भारत में भी निगरानी के दायरे में रही हैं।
