PM Modi Zelenskyy Meeting: फ्रांस के खूबसूरत शहर एवियन में चल रहे जी-7 शिखर सम्मेलन के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी कूटनीतिक मुलाकात देखने को मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ एक द्विपक्षीय बैठक (India Ukraine Bilateral Talks) की। इस हाई-प्रोफाइल बैठक के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल भी पीएम मोदी के साथ मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री मोदी की यूक्रेनी राष्ट्रपति से बातचीत
दोनों नेताओं की इस मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई थीं। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब जी-7 देशों(G7 Summit 2026) ने रूस के खिलाफ चल रहे युद्ध में यूक्रेन के प्रति अपनी एकजुटता को और मजबूत करने का ऐलान किया है।
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यूक्रेन को मिला G7 का मजबूत साथ
पीएम मोदी और जेलेंस्की की मुलाकात से ठीक पहले जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने यूक्रेन के लिए एक औपचारिक घोषणापत्र जारी किया। इसमें यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए उसके प्रति 'अटूट समर्थन' दोहराया गया।
यूक्रेन की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने के लिए जी-7 नेता कई बड़े कदमों पर सहमत हुए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- यूक्रेन को अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम (हवाई सुरक्षा प्रणाली) और लंबी दूरी के गोला-बारूद की सप्लाई बढ़ाना।
- यूक्रेन के भीतर ही सैन्य साजो-सामान का उत्पादन बढ़ाने के लिए लाइसेंस जारी करना।
- आने वाली सर्दियों को देखते हुए यूक्रेन की ऊर्जा और बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त मदद देना।
- इसके साथ ही, रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए जी-7 देशों ने उसके तेल और गैस क्षेत्रों पर प्रतिबंधों को और कड़ा करने की घोषणा की है।
वैश्विक शांति की ओर बढ़ते कदम
घोषणापत्र में एक और बड़ी और सकारात्मक बात सामने आई। जी-7 नेताओं ने अमेरिका और ईरान के बीच एक शांति समझौते की घोषणा का स्वागत किया। नेताओं ने भरोसा जताया कि यह घटनाक्रम यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे लंबे संघर्ष को हमेशा के लिए खत्म करने की दिशा में एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
इस माहौल में पीएम मोदी और राष्ट्रपति जेलेंस्की की यह मुलाकात दर्शाती है कि भारत वैश्विक मंच पर शांति स्थापना और बातचीत के जरिए विवादों को सुलझाने की अपनी नीति पर लगातार कायम है।
