बाली (इंडोनेशिया) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित दुनिया भर के नेता, इंडोनेशिया के बाली में हो रहे 17वें ग्रुप ऑफ 20 (जी20) शिखर सम्मेलन (G20 Summit) में पहुंचे। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ( Xi Jinping), मेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden), रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) भी बाली पहुंच चुके हैं। पीएम के साथ विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, एनएसए अजीत डोभाल और जी20 शेरपा अमिताभ कांत भी हैं। शिखर सम्मेलन से पहले पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) से मुलाकात की। जी20 शिखर सम्मेलन बाली के अपूर्व केम्पिसंकी होटल (Apurva Kempisnky hotel) में हो रही है।
इंडोनेशिया के बाली में जी 20 शिखर सम्मेलन
PM @narendramodi and @POTUS @JoeBiden interact during the @g20org Summit in Bali. t.co/g5VNggwoXd
— ANI (@ANI) Nov 15, 2022
जी20 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक विकास के लिए भारत की ऊर्जा-सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। हमें ऊर्जा की आपूर्ति पर किसी भी प्रतिबंध को बढ़ावा नहीं देना चाहिए और ऊर्जा बाजार में स्थिरता सुनिश्चित की जानी चाहिए। भारत स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण के लिए प्रतिबद्ध है। 2030 तक, हमारी आधी बिजली नवीकरणीय स्रोतों से उत्पन्न होगी। समावेशी ऊर्जा परिवर्तन के लिए विकासशील देशों को समयबद्ध और किफायती वित्त और प्रौद्योगिकी की सतत आपूर्ति आवश्यक है।
पीएम मोदी ने कहा कि आज खाद की कमी कल का खाद्य संकट है, जिसका समाधान दुनिया के पास नहीं होगा। हमें खाद और खाद्यान्न दोनों की आपूर्ति श्रृंखला को स्थिर और सुनिश्चित रखने के लिए आपसी समझौता करना चाहिए। भारत में, स्थायी खाद्य सुरक्षा के लिए, हम प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं और बाजरा जैसे पौष्टिक और पारंपरिक खाद्यान्नों को फिर से लोकप्रिय बना रहे हैं। बाजरा वैश्विक कुपोषण और भूख को भी हल कर सकता है। हम सभी को अगले वर्ष बड़े उत्साह के साथ अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष मनाना चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा कि मैंने बार-बार कहा है कि हमें यूक्रेन में युद्धविराम और कूटनीति के रास्ते पर लौटने का रास्ता खोजना होगा। पिछली शताब्दी में, WWII ने दुनिया में कहर बरपाया। उसके बाद उस समय के नेताओं ने शांति का मार्ग अपनाने का गंभीर प्रयास किया। अब हमारी बारी है। कोविड के बाद के लिए एक नई विश्व व्यवस्था बनाने का दायित्व हमारे कंधों पर है। शांति, सद्भाव और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस और सामूहिक संकल्प दिखाने की आवश्यकता है। विश्वास है कि जब G20 बुद्ध और गांधी की पवित्र भूमि में मिलते हैं, तो हम दुनिया को शांति का एक मजबूत संदेश देने के लिए सहमत होंगे।
पीएम ने कहा कि कोविड के बाद के लिए एक नई विश्व व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी हमारे कंधों पर है। शांति, सद्भाव और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस और सामूहिक संकल्प दिखाना समय की आवश्यकता है। विश्वास है कि जब जी 20 बुद्ध और गांधी की पवित्र भूमि में मिलेंगे, तो हम दुनिया को शांति का एक मजबूत संदेश देने के लिए सहमत होंगे।
मंगलवार से शुरू होने वाले दो दिवसीय शिखर सम्मेलन का विषय 'एक साथ पुनर्प्राप्त करें, मजबूत हो जाएं' (Recover Together, Recover Stronge) और अन्य विषयों के साथ वैश्विक आर्थिक सुधार, वैश्विक स्वास्थ्य वास्तुकला, डिजिटल परिवर्तन, स्थायी ऊर्जा संक्रमण और जलवायु परिवर्तन पर केंद्रित है। सऊदी अरब के अध्यक्ष के रूप में 2020 में वर्चुअली आयोजित होने के बाद इस वर्ष व्यक्तिगत रूप से आयोजित हो रहा है और 2021 में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से इटली आयोजित किया था।
#WATCH | US President Joe Biden walks over to PM Narendra Modi before the start of #G20Summit in Bali, Indonesia.… t.co/GCaLp6j8A9
— ANI (@ANI) Nov 15, 2022
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सोमवार को जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संयुक्त प्रयासों का आह्वान किया। जलवायु परिवर्तन को युग की Defining challenge बताते हुए उन्होंने कहा कि 'जलवायु एकजुटता समझौता' पेरिस समझौते में उल्लिखित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अनुकूल है। उन्होंने कहा कि जी20 के नेता जलवायु एकजुटता समझौते को बना या बिगाड़ सकते हैं।
अपने प्रस्थान बयान में, पीएम मोदी ने कहा कि वह वैश्विक चिंता के प्रमुख मुद्दों, जैसे वैश्विक विकास, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य और डिजिटल परिवर्तन को पुनर्जीवित करने के लिए अन्य G20 नेताओं के साथ व्यापक चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि जी20 शिखर सम्मेलन से इतर मैं कई अन्य प्रतिभागी देशों के नेताओं से मुलाकात करूंगा और उनके साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की समीक्षा करूंगा।
