लंदन से लेकर वाशिंगटन तक...ट्रंप की नीतियों का खुलकर विरोध, 'No Kings' प्रोटेस्ट के जरिए सड़कों पर उतरे लोग

दस महीने पहले पदभार ग्रहण करने के बाद से ट्रंप ने आव्रजन पर कार्रवाई तेज कर दी है, फिलिस्तीनी समर्थक विरोध प्रदर्शनों और नीतियों के कारण विश्वविद्यालयों के लिए बजट में कटौती की धमकी दी है। इसके अलावा कई मुद्दों पर लोग ट्रंप की नीतियों से नाराज हैं।

No Kings Protest: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आव्रजन, शिक्षा और सुरक्षा संबंधी नीतियों के खिलाफ एक वैश्विक अभियान शुरू हो गया है। इस ट्रंप विरोधी कैंपेन 'नो किंग्स' के पहले दौर के तहत शनिवार को लंदन और दुनिया भर के अन्य शहरों में अमेरिकी दूतावास के बाहर सैकड़ों लोग एकत्रित हुए। आयोजकों का कहना है कि ये प्रदर्शन अमेरिकी राष्ट्रपति की निरंकुश महत्वाकांक्षाओं के खिलाफ एक प्रतिरोध हैं। लंदन की रैली अमेरिका और विदेशों में हुई 2600 से ज्यादा विरोध प्रदर्शनों की श्रृंखला में सबसे शुरुआती प्रदर्शनों में से एक थी। मैड्रिड और बार्सिलोना में भी इसी तरह के प्रदर्शन हुए, जबकि अटलांटिक के पार हजारों लोगों ने अमेरिका के प्रमुख शहरों, उपनगरों और छोटे शहरों में मार्च की तैयारी की।

No kings protest

ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन (AP)

ट्रंप ने आव्रजन पर कार्रवाई तेज की

दस महीने पहले पदभार ग्रहण करने के बाद से ट्रंप ने आव्रजन पर कार्रवाई तेज कर दी है, फिलिस्तीनी समर्थक विरोध प्रदर्शनों और नीतियों के कारण विश्वविद्यालयों के लिए बजट में कटौती की धमकी दी है, और कई राज्यों में नेशनल गार्ड सैनिकों की तैनाती को अधिकृत किया है। आलोचकों का कहना है कि उनके प्रशासन के कदमों ने सामाजिक विभाजन को गहरा किया है और लोकतांत्रिक मानदंडों को खतरे में डाला है।

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