US Classified Documents Case: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) और बाद में ट्रंप के मुखर आलोचक बन गए जॉन बोल्टन अमेरिकी न्याय विभाग के साथ हुए एक समझौते के तहत गोपनीय दस्तावेज अपने पास रखने के एक आरोप को स्वीकार करने पर सहमत हो गए हैं। इस समझौते से उन्हें जेल की सजा से बचने का मौका मिल सकता है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एपी ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी।
पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन
जॉन बोल्टन पर क्या है आरोप?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान बोल्टन पर पिछले साल अक्टूबर में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने गोपनीय सरकारी दस्तावेज अपने घर में रखे और सरकारी कामकाज से जुड़े गोपनीय विवरण अपने परिजनों के साथ साझा किए। बोल्टन पर 18 आरोप लगाए गए थे।
बोल्टन को भरना पड़ सकता है भारी जुर्माना
सूत्रों ने बताया कि समझौते के तहत, बोल्टन को 22.5 लाख अमेरिकी डॉलर का जुर्माना भी भरना पड़ेगा। किसी भी कारावास की सजा पांच साल तक सीमित होगी, लेकिन समझौते के तहत उन्हें जेल जाने से छूट मिल सकती है। हालांकि, सजा पर अंतिम फैसला न्यायाधीश द्वारा किया जाएगा। बकौल रिपोर्ट, मामले की सुनवाई 26 जून को तय की गई है, जो आमतौर पर किसी समझौते की ओर इशारा करती है। हालांकि, इस मामले पर न्याय विभाग ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
कौन हैं जॉन बोल्टन?
बोल्टन अमेरिका के एक वरिष्ठ राजनयिक हैं, जो ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान अप्रैल 2018 से सितंबर 2019 तक अमेरिका के एनएसए रहे हैं। वह अमेरिकी राजनीति और विदेश नीति में अपने सख्त और आक्रामक रुख के लिए जाने जाते हैं। हालांकि, अब उन्हें ट्रंप का मुखर आलोचक माना जाता है। ईरान के साथ युद्ध को लेकर वह ट्रंप को खरी-खोटी सुना चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने अपनी किताब में ट्रंप के कामकाज के तरीकों और फैसलों की कड़ी आलोचना की है।
