'ड्रैगन-हाथी एक साथ डांस करें, एक-दूसरे की सफलता का जश्न मनाएं'...मोदी-जिनपिंग मुलाकात की वो बातें जिनसे ट्रंप को होगी टेंशन

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  • Updated Aug 31, 2025, 03:02 PM IST

पीएम मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से कहा कि भारत आपसी विश्वास, सम्मान एवं संवेदनशीलता के आधार पर चीन के साथ अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है क्योंकि दोनों देशों के बीच सहयोग 2.8 अरब लोगों के कल्याण से जुड़ा है। दोनों देशों का मित्र बनना सही विकल्प है और हाथी (भारत) और ड्रैगन (चीन) को एक-दूसरे की सफलता का मिलकर जश्न मनाना चाहिए।

Dragon-Elephant Should Dance Together: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज तियानजिन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। करीब 7 साल बाद पीएम मोदी चीन की यात्रा पर पहुंचे हैं। दोनों नेताओं के बीच यह वार्ता शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन से इतर हुई। पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच यह लगभग पिछले 10 महीनों में पहली मुलाकात थी। व्यापार और शुल्क संबंधी अमेरिकी नीतियों के कारण भारत और अमेरिका के संबंधों में अचानक गिरावट आई है। ऐसे में भारत और चीन के नेताओं के बीच यह मुलाकात महत्व रखती है। इस मुलाकात पर पूरी दुनिया की निगाहें थी। खास तौर पर डोनाल्ड ट्रंप के रुख के मद्देनजर ये मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति को जवाब है कि किस तरह एकजुट होकर मनमानी को रोका जा सकता है। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने क्या-क्या कहा और दोनों देशों का किस बात पर जोर रहा, जानिए।

Jinping Modi Meeting

मोदी-जिनपिंग मुलाकात (PTI)

हाथी और ड्रैगन एक-दूसरे की सफलता का जश्न मनाएं

प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि दोनों देशों का मित्र बनना सही विकल्प है और हाथी (भारत) और ड्रैगन (चीन) को एक-दूसरे की सफलता का मिलकर जश्न मनाना चाहिए। पीएम मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से कहा कि भारत आपसी विश्वास, सम्मान एवं संवेदनशीलता के आधार पर चीन के साथ अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है क्योंकि दोनों देशों के बीच सहयोग 2.8 अरब लोगों के कल्याण से जुड़ा है। पीएम मोदी ने टेलीविजन पर प्रसारित अपने वक्तव्य की शुरुआत में कहा कि दोनों पक्षों द्वारा सीमा से सैनिकों को पीछे हटाए जाने से शांति और स्थिरता का माहौल बना। पीएम मोदी ने कहा, हमारा सहयोग दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों के हितों से जुड़ा है। इससे समस्त मानवता के कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त होगा। हम आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, पिछले साल कजान में हमारी बहुत ही उपयोगी चर्चा हुई जिसने हमारे संबंधों को एक सकारात्मक दिशा दी। सीमा से सैनिकों की वापसी के बाद अब शांति और स्थिरता का माहौल है। हमारे विशेष प्रतिनिधि सीमा प्रबंधन पर भी एक समझौते पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा, कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हो गई है। दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें भी फिर से शुरू हो रही हैं।

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