क्या 'दूसरे कार्यकाल का श्राप' खत्म कर पाएंगे ट्रंप? क्लीवलैंड काल में अमेरिका को झेलनी पड़ी थी भयानक मंदी की मार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए दूसरा टर्म एक चुनौती बना हुआ है और उनकी लोकप्रियता कई फैसलों को लेकर कम हुई है। अब तक अमेरिका के 21 राष्ट्रपतियों ने दूसरा कार्यकाल पूरा किया है, लेकिन कोई भी अपने पहले कार्यकाल की सफलता की बराबरी नहीं कर सका। ट्रंप दूसरे टर्म में किए गए फैसलों को लेकर विवादों में भी रहे है जिसमें एक बड़ा मुद्दा टैरिफ का है।

हैमिल्टन : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने विरोधियों को तीसरे कार्यकाल की संभावना जताकर छेड़ना पसंद करते हैं लेकिन उनके सामने पहले एक और ऐतिहासिक चुनौती है, जिसने कई राष्ट्रपतियों को परेशान किया है और वह है - ‘दूसरे कार्यकाल का श्राप’। अब तक अमेरिका के 21 राष्ट्रपतियों ने दूसरा कार्यकाल पूरा किया है, लेकिन कोई भी अपने पहले कार्यकाल की सफलता की बराबरी नहीं कर सका।

donald trump

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

दूसरे कार्यकाल के प्रदर्शन आमतौर पर फीके और प्रेरणाहीन रहे हैं। कुछ मामलों में तो विनाशकारी भी। इसके लिए मतदाताओं की असंतुष्टि और निराशा, राष्ट्रपति का थकान महसूस करना और भविष्य की स्पष्ट व स्थायी दूरदृष्टि की कमी जैसे कारण बताए जाते हैं। लेकिन ट्रंप इस परिपाटी में पूरी तरह फिट नहीं बैठते। 19वीं सदी के अंत में ग्रोवर क्लीवलैंड एकमात्र ऐसे राष्ट्रपति थे, जिनके दो कार्यकाल के बीच अंतराल था यानी कि पहले और दूसरे कार्यकाल के बीच कोई और राष्ट्रपति बना था। इसी वजह से ‘ट्रंप 2.0’ (ट्रंप के दूसरे कार्यकाल) की, दो कार्यकाल तक राष्ट्रपति रहे अन्य नेताओं से तुलना करना कठिन हो जाता है।

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