अमेरिकी चुनाव प्रणाली को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़े शब्दों में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अमेरिकी चुनाव प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए बड़े सुधारों की मांग की है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के चुनाव धांधली, वोट चोरी के कारण पूरी दुनिया में मजाक बन चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर चुनावी व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो देश का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर कड़े शब्दों में एक संदेश पोस्ट किया। अपने संदेश में ट्रंप ने लिखा कि अमेरिकी चुनाव दुनिया भर में हंसी का विषय बन गए हैं और कहा कि या तो हम इन्हें ठीक करेंगे, या फिर हमारा देश नहीं बचेगा। इसके बाद उन्होंने उन प्रस्तावों पर भी बात की जिन पर वे रिपब्लिकनों से समर्थन चाहते हैं। इनमें...
- मतदाताओं को वोट डालने से पहले पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य हो,
- वोटर रजिस्ट्रेशन के लिए अमेरिकी नागरिकता का प्रमाण देना पड़े और मेल-इन बैलेट पर सख्त रोक लगे।
- बीमारी, दिव्यांगता, सैन्य सेवा या यात्रा जैसी खास परिस्थितियों को छोड़कर डाक से मतदान बंद किया जाना चाहिए।
ट्रंप पहले भी कई बार कर चुके हैं अमेरिकी चुनाव प्रणाली में धांधली का दावा
गौरतलब है कि ट्रंप पहले भी कई बार अमेरिकी चुनाव प्रणाली में धांधली का दावा कर चुके हैं। उन्होंने इस साल जनवरी की शुरुआत में द न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक साक्षात्कार में अपने पुराने दावे दोहराए थे कि अमेरिकी चुनावों में धांधली होती है। उन्होंने कहा कि वह “हमेशा” चुनावी नतीजों का सम्मान करते हैं, जिनमें वे नतीजे भी शामिल हैं, जिनके जरिए वह दो बार व्हाइट हाउस पहुंचे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने व्यवस्था में व्यापक धांधली का आरोप लगाना जारी रखा।
मैं हमेशा चुनावों के नतीजों का सम्मान करता हूं
जब उनसे पूछा गया कि यदि 2026 के मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट जीतते हैं तो क्या वह परिणाम स्वीकार करेंगे, तो ट्रंप ने पहले कहा कि मैं हमेशा चुनावों के नतीजों का सम्मान करता हूं। इसके बाद उन्होंने जोड़ा कि अमेरिकी चुनाव धोखाधड़ी से ग्रस्त हैं और दावा किया कि अगर डेमोक्रेट धोखा न दें, तो वे जीत ही नहीं सकते।
“मैंने पिछला चुनाव इतनी बड़ी जीत से जीता कि उसे रिग नहीं किया जा सकता था,” ट्रंप ने अपनी हालिया जीत का जिक्र करते हुए कहा। इसके बाद उन्होंने यह दावा भी दोहराया कि 2020 में भी वही जीते थे। उन्होंने कहा कि मुझे शिकायत नहीं करनी चाहिए, मैं तीन बार जीता हूं। दूसरी बार मैंने शानदार प्रदर्शन किया और उसका श्रेय मुझे नहीं मिला।
ट्रंप 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद से लगातार यह दावा करते रहे हैं कि अमेरिकी चुनाव व्यापक धोखाधड़ी से प्रभावित हैं। हालांकि, कई अदालती फैसलों, राज्य स्तरीय ऑडिट और संघीय समीक्षाओं में ऐसे किसी भी स्तर की धोखाधड़ी का कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे उस चुनाव के नतीजे बदल जाते।
अमेरिका में चुनावों का संचालन मुख्य रूप से राज्यों के स्तर पर किया जाता है और वोटर आईडी कानून, मेल-इन बैलेट और पंजीकरण आवश्यकताओं को लेकर बहस कई वर्षों से जारी है। आमतौर पर रिपब्लिकन सख्त नियमों की वकालत करते हैं, जबकि डेमोक्रेट चेतावनी देते हैं कि कुछ प्रस्ताव मतदाताओं की पहुंच को सीमित कर सकते हैं।
