Nepal Flash Floods Death Toll: नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) और हिमस्खलन के पांचवें दिन रविवार को स्थिति और अधिक भयावह हो गई है। बचाव दलों द्वारा मलबे और नदियों से लगातार शव निकाले जा रहे हैं, जिसके बाद इस भीषण प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 734 हो गई है। वहीं, लगभग 2,500 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
नेपाल बाढ़ में मौत का आंकड़ा बढ़ा
पीटीआई की खबर के मुताबिक, नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार, प्रभावित सभी आठ जिलों से शव बरामद किए गए हैं। राहत और बचाव कार्य में जुटी नेपाल सेना, पुलिस और आपदा प्रबंधन दल समय के खिलाफ दौड़ लगा रहे हैं ताकि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।
कैसे आई यह भीषण तबाही?
बुधवार (26 अगस्त) को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास एक ग्लेशियर के टूटने (Glacial Collapse) के बाद बर्फ और चट्टानों का भयंकर स्खलन हुआ। इसके चलते नदियों में अचानक पानी, कीचड़ और मलबे का विशाल सैलाब उमड़ पड़ा। इस तेज बहाव ने मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों को पूरी तरह तबाह कर दिया, पुलों और सड़कों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को बहा दिया और कई जलविद्युत परियोजनाओं को पूरी तरह नष्ट कर दिया।
जिलावार मौतों का आंकड़ा
राहत एजेंसियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, विभिन्न प्रभावित जिलों से बरामद शवों का विवरण इस प्रकार है:
चितवन : 259 शव
नवलपरासी पूर्व : 184 शव
नवलपरासी पश्चिम : 82 शव
गोरखा : 58 शव
नुवाकोट: 52 शव
धाडिंग: 50 शव
तनहुं : 36 शव
रसुवा: 13 शव
2,500 लोग लापता, जिनमें 320 विदेशी नागरिक शामिल
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने पुष्टि की है कि वर्तमान में 2,498 लोग लापता हैं। लापता लोगों में राहत कार्य में जुटे 85 सुरक्षाकर्मी और विभिन्न देशों के 320 विदेशी पर्यटक व नागरिक शामिल हैं। दूसरी ओर, कठिन परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीमों ने अब तक आपदा प्रभावित इलाकों से कुल 8,186 लोगों को सुरक्षित निकाला है, जिनमें 227 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए स्निफर डॉग्स और हेलिकॉप्टरों की मदद ली जा रही है, हालांकि खराब मौसम और कटे हुए रास्तों के कारण राहत अभियानों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
