पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच चीन ने संभावित ईंधन संकट की आशंका को देखते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है।
चीन में बढ़े पेट्रोल डीजल के दाम।
चीन की शीर्ष आर्थिक योजना एजेंसी नेशनल डेवलपमेंट एंड रिफॉर्म कमीशन (NDRC) ने मंगलवार से लागू अस्थायी उपायों की घोषणा की। एजेंसी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में असामान्य वृद्धि के प्रभाव को कम करने, उपभोक्ताओं पर बोझ घटाने और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
कितने बढ़े दाम?
सरकारी बयान के अनुसार,पेट्रोल की कीमतों में 1,160 युआन (करीब 168 डॉलर) प्रति टन और डीजल की कीमतों में 1,115 युआन (करीब 159 डॉलर) प्रति टन की बढ़ोतरी की गई है।
पेट्रोल पंपों पर लग गई लंबी लाइनें
कीमत बढ़ने की घोषणा के बाद देशभर में पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं, जहां लोग टैंक फुल कराने के लिए पहुंचने लगे। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य के अवरुद्ध होने की आशंका बढ़ गई है। यह मार्ग दुनिया की करीब 20 प्रतिशत ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम है।
चीन खरीदता है 70 प्रतिशत कच्चा तेल
चीन अपनी लगभग 70 प्रतिशत कच्चे तेल की जरूरत आयात से पूरी करता है, जिसमें करीब 45 प्रतिशत आपूर्ति होर्मुज मार्ग से जुड़ी है। यानी देश की कुल तेल आपूर्ति का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा इस क्षेत्र की स्थिति पर निर्भर है।
चार महीने का आपातकालीन तेल भंडार
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि रूस के साथ गैस पाइपलाइन और दीर्घकालिक ऊर्जा समझौतों के चलते चीन अन्य देशों की तुलना में अपेक्षाकृत कम प्रभावित हो सकता है। बताया गया है कि चीन के पास करीब चार महीने का आपातकालीन तेल भंडार भी मौजूद है, जिससे तत्काल संकट की स्थिति को संभालने में मदद मिल सकती है।
