Xi Jinping Invitation: अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का शपथ ग्रहण समारोह अगले महीने 20 जनवरी को होना है। इस समारोह के लिए तैयारियां भी चल रही हैं। इस बीच, ट्रंप ने अपने शपथ ग्रहण समारोह के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को न्योता देकर सभी को चौंका दिया है। हालांकि, रिपोर्ट अब यह भी आ रही है कि जिनपिंग शायद ही इस शपथ ग्रहण समारोह में शरीक हों। इसकी वजह भी बताई जा रही है। बीबीसी की रिपोर्ट में निमंत्रण भेजे जाने की योजना से जुड़े दो लोगों ने जिनपिंग के समारोह में न आने की संभावना जताई है।
अपने शपथ ग्रहण समारोह के लिए ट्रंप ने जिनपिंग को भेजा है न्योता।
बीबीसी के अमेरिकी सहयोगी सीबीएस न्यूज को सूत्रों ने बताया है कि अमेरिका में चीन के राजदूत एवं बीजिंग के अन्य अधिकारी ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं। जिनपिंग के निमंत्रण पर अमेरिकी और दुनिया भर की मीडिया में हैरानी जताई गई है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपतियों के शपथ ग्रहण समारोह में विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को बुलाए जाने की परंपरा नहीं रही है। किसी भी शपथ ग्रहण समारोह में कोई विदेशी नेता शामिल नहीं हुआ है।
खुला संवाद करना चाहते हैं ट्रंप-प्रवक्ता
ट्रंप की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने फॉक्स न्यूज से कहा कि 'ऐसे देश जो न केवल हमारे सहयोगी हैं बल्कि जो हमारे प्रतिस्पर्धी एवं जिनके साथ हमारा गतिरोध है, उन देशों के नेताओं के साथ राष्ट्रपति ट्रंप एक खुला संवाद करने की एक पहल कर रहे हैं।' बता दें कि ट्रंप कई मौकों पर जिनपिंग की प्रशंसा कर चुके हैं, साथ ही वह चीन की लगातार आलोचना भी करते आए हैं। राष्ट्रपति चुने जाने के बाद उन्होंने कहा है कि वह चीन से आयात होने वाली वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ाएंगे। जबकि बीते अक्टूबर में पोडकॉस्टर जो रोगन के साथ बातचीत में ट्रंप ने कहा कि जिनपिंग कड़ाई से 1.4 अरब लोगों को नियंत्रित करते हैं। वह शानदार व्यक्ति हैं आप चाहें इसे पसंद करें या नहीं।
रूबियो पर बैन लगा चुका है चीन
ट्रंप ने अपनी कैबिनेट में ऐसे लोगों को चुना है जिन पर चीन प्रतिबंध लगा चुका है। ट्रंप ने विदेश मंत्री के तौर पर मार्को रूबियो को चुना है। चीन 2020 में रूबियो को अपने यहां आने पर रोक लगा चुका है। यही नहीं ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्ट्ज चीन के प्रखर आलोचक हैं। बावजूद इसके ट्रंप की ओर से जिनपिंग को बुलाए जाने की पहल हुई है। एक्सपर्ट भी मानते हैं कि चीनी राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में आने की संभावना बहुत कम है।
