वेनेजुएला पर ट्रंप प्रशासन की कार्रवाई और उसके तेल टैंकरों को जब्त करने को लेकर अब चीन भी अमेरिका के विरोध में उतर आया है। चीन ने अमेरिका के इस कदम की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में वेनेजुएला के तेल टैंकरों को जब्त करने का अमेरिकी सैन्य कदम मनमानी कार्रवाई है। चीन का ये बयान तब आया है जब बीते शनिवार को अमेरिकी सुरक्षाबलों ने एक तेल टैंकर को अपने कब्जे में ले लिया था। यह इस महीने में दूसरी बार था, जब अमेरिकी बलों ने इस तरह की कार्रवाई की थी। वहीं, ट्रंप भी वेनेजुएला पर लगातार दबाव बना रहे हैं। उनका दावा है कि वेनेजुएला से बड़े पैमाने पर ड्रग्स की तस्करी होती है। इतना ही नहीं, ट्रंप ने तो ये तक कहा है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो खुद ड्रग कार्टेल से जुड़े हैं।
ट्रंप और जिनपिंग (फोटो- AP)
वेनेजुएला के मुद्दे पर ट्रंप पर भड़का अमेरिका
इस दौरान चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन ने कहा कि चीन अंतरराष्ट्रीय कानून में आधारहीन और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा अधिकृत न किए गए अवैध एकतरफा प्रतिबंधों का हमेशा विरोध करता है। यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों का उल्लंघन करने, अन्य देशों की संप्रभुता और सुरक्षा पर अतिक्रमण करने या एकतरफा दादागिरी करने वाले किसी भी कार्य का भी विरोध करता है। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला को अन्य देशों के साथ पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग विकसित करने का अधिकार है, और चीन का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अपने वैध अधिकारों और हितों की रक्षा करने के वेनेजुएला के रुख को समझता है और उसका समर्थन करता है।
अमेरिका लगातार वेनेजुएला पर बढ़ा रहा दबाव
अमेरिका वेनेजुएला पर ड्रग तस्करी के आरोप लगाकर उस पर लगातार दबाव बढ़ा रहे हैं। हाल ही में ट्रंप ने वेनेजुएला के निकटवर्ती जलक्षेत्र में अपनी सैन्य तैनाती बढ़ाई है। इतना ही नहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पिछले सप्ताह निकोलस मादुरो की सरकार को विदेशी आतंकवादी संगठन' घोषित किया था। उन्होंने वेनेजुएला में प्रवेश करने और बाहर निकलने वाले सभी प्रतिबंधित तेल टैंकरों की पूर्ण नाकाबंदी' का आदेश दिया।
मादुरो बोले-डकैती डाल रहा अमेरिका
वहीं, निकोलस मादुरो ने ट्रंप प्रशासन की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने अमेरिका पर कैरिबियन सागर में आपराधिक नौसैनिक डकैती के एक नए युग की शुरुआत करने का आरोप लगाया।
निकोलस मादुरो।
वेनेजुएला पर कार्रवाई से चीन क्यों चिंतित?
वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई चीन के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि दशकों से कराकास के साथ उसके घनिष्ठ रणनीतिक संबंध रहे हैं। चीन और रूस वेनेजुएला के दो प्रमुख साझेदार हैं। चीन वेनेजुएला के कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीजिंग ने वेनेजुएला को 60 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के ऋण और तेल समर्थित क्रेडिट लाइनें प्रदान की हैं।
चीन को चुनौती दे रहा अमेरिका
चीनी थिंक टैंक 'थिंक चाइना' की एक रिपोर्ट के अनुसार, वेनेजुएला 2010 और 2020 के बीच चीनी विकास निधि प्राप्त करने वाले शीर्ष तीन देशों में से एक है, इसके अलावा अमेरिका को चीन द्वारा बेचे गए हथियारों का लगभग 86 प्रतिशत हिस्सा वेनेजुएला को प्राप्त हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वाशिंगटन द्वारा वेनेजुएला पर डाला जा रहा दबाव केवल मादुरो को सत्ता से हटाने तक सीमित नहीं है। टैंकरों को जब्त करके और नाकाबंदी लागू करके, अमेरिका अपना क्षेत्रीय वर्चस्व स्थापित कर रहा है, चीन के प्रभाव को चुनौती दे रहा है और चेतावनी भरे संकेत भेज रहा है।
ब्राजील के राष्ट्रपति लुईज इनासियो लूला दा सिल्वा (फोटो साभार: AP)
ब्राजीली राष्ट्रपति बोले- अमेरिकी कार्रवाई घातक साबित होगी
ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने वेनेजुएला में किसी भी तरह की सशस्त्र सैन्य दखलअंदाजी को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। राष्ट्रपति ने आगाह किया कि अगर वेनेजुएला के खिलाफ किसी भी तरह का सशस्त्र बल प्रयोग इस पूरे क्षेत्र में घातक साबित होगा।
ब्राजीली राष्ट्रपति बीते दिन मर्कोसुर और सहयोगी देशों के 67वें शिखर सम्मेलन में बोलते रहे थे। इस दौरान राष्ट्रपति लूला ने अमेरिका की ओर से वेनेजुएला पर बनाए जा रहे सैन्य दबाव पर बात की। उन्होंने कहा कि अमेरिका की धमकियां, नौसैनिक नाकेबंदी और कैरिबियाई देश वेनेजुएला पर सैन्य मौजूदगी बेहद चिंताजनक है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, लूला ने इसे बाहरी क्षेत्रीय शक्ति की सैन्य दखल बताया, जिससे पूरा लैटिन अमेरिका हैरान और परेशान है।
