China Fumes Over Taiwan Greetings to Modi: लोकसभा चुनाव 2024 में एनडीए की जीत के बाद नरेंद्र मोदी को देश-विदेश से बधाइयों का दौर जारी है। इसी बीच ताइवान के राष्ट्रपति ने भी नरेंद्र मोदी को बधाई दी जिसे स्वीकार करते हुए उन्होंने भी शुक्रिया जताया। अब इसे लेकर चीन बिफर उठा है और उसने भारत को ताइवान से दूर रहने की नसीहत दी है। दरअसल, ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग ते ने नरेंद्र मोदी को जीत की बधाई दी थी जिसका मोदी ने जवाब दिया जिस पर चीन ने आपत्ति जताई है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने गुरुवार को कहा कि दुनिया में सिर्फ एक चीन है। ताइवान, चीन का ही एक हिस्सा है। चीन, ताइवान को अलग देश मानकर उससे रिश्ते रखने वाले देशों का विरोध करता है।
ताइवानी राष्ट्रपति ने दी मोदी को बधाई
चीन ने दी भारत को नसीहत
प्रवक्ता ने कहा, दुनिया एक चीन के सिद्धांत को मानती है। इसी आधार पर वह दुनियाभर देशों के साथ अपने संबंध बनाता है। भारत भी उन देशों में है जो वन चाइना नीति का समर्थन करता है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी को ताइवान के राष्ट्रपति की बधाई का विरोध करना चाहिए। ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग ते ने प्रधानमंत्री मोदी को जीत पर बधाई देते हुए पोस्ट में लिखा था- भारत-ताइवान आपसी साझेदारी, व्यापार, टेक्नोलॉजी और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है ताकि इंडो पैसिफिक में शांति बन सके।
इस पर मोदी ने अपने जवाब में लिखा- भारत ताइवान के साथ घनिष्ठ संबंध बनाने के लिए तैयार है। मोदी के इस जवाब से ही चीन बिफर उठा। चीन ने भारत को नसीहत दी कि वह ताइवान से दूर रहे।
अमेरिका का क्या रुख
वहीं, इस मामले पर अमेरिका ने अभी तक नपी-तुली प्रतिक्रिया ही दी है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर से जब सवाल किया गया कि प्रधानमंत्री मोदी और ताइवान के राष्ट्रपति के बीच शुभकामनाओं के आदान-प्रदान का चीन ने विरोध किया है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि भारत को इसकी कीमत चुकानी होगी। इस तरह की धमकी भरी भाषा पर अमेरिका का क्या रुख है। इस सवाल पर प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा कि मैंने उन रिपोर्ट्स को नहीं देखा है, इसलिए मैं उन पर विस्तार से टिप्पणी नहीं करना चाहता, लेकिन मैं कहूंगा ऐसे बधाई संदेश राजनयिक व्यवहार में सामान्य बात है।
