ब्रिक्स समिट से पहले शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम का आयोजन किया गया। इस सम्मलेन को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतीन ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों में ब्रिक्स देशों का ग्लोबल जीडीपी में 40% से ज्यादा हिस्सा रहा, जबकि जी 7 का योगदान सिर्फ़ 29% रहा। राष्ट्रपति ने आगे कहा कि ब्रिक्स देशों का ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ में लगभग आधा हिस्सा रहा, जबकि जी 7 का योगदान 20% से भी कम रहा।
‘दुनिया में हो रहे गहरे बदलाव’, पुतिन बोले- BRICS की आर्थिक साझेदारी से मजबूत होगी ग्लोबल इकोनॉमी। PTI
रूस की इकॉनमी में हुए बदलाव: पुतिन
उन्होंने कहा कि रूस की इकॉनमी ने कुछ स्ट्रक्चरल इकॉनमिक बदलाव शुरू किए हैं, जिससे हमारी इकॉनमी ज्यादा लचीली, ज्यादा फुर्तीली और ज्यादा मोबाइल बन गई है। पिछले तीन सालों में दुनिया भर में रूस की इकॉनमिक ग्रोथ दुनिया के एवरेज से बेहतर रही है। 2023-2024 में, जीडीपी 10.3% बढ़ेगी, जबकि बेरोजगारी दर घटकर 2.3% के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई है।
पुतिन ने दुनिया में तेजी से हो रहे आर्थिक और भू-राजनीतिक बदलावों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय संरचनात्मक, गहरे और व्यापक बदलावों के दौर से गुजर रही है। पुतिन ने ब्रिक्स देशों के बीच मजबूत कारोबारी रिश्तों और आर्थिक साझेदारी को बेहद अहम बताया।
ब्रिक्स के महत्व को लेकर क्या बोले पुतिन?
पुतिन ने अपने संबोधन में कहा कि ब्रिक्स बिजनेस फोरम (BRICS Business Forum) की बैठक शिखर सम्मेलन की परंपरागत रूप से एक तरह की प्रस्तावना है। उन्होंने कहा कि इस मंच पर BRICS देशों के कारोबारी समुदायों की मौजूदगी यह दिखाती है कि सदस्य देशों के बीच व्यापारिक संपर्क और रिश्तों को मजबूत करने में लगातार बढ़ती दिलचस्पी है।
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि विश्वसनीय बिजनेस-टू-बिजनेस रिश्ते और आर्थिक साझेदारी अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों की रीढ़ हैं। उनके मुताबिक, ऐसे रिश्ते वैश्विक आर्थिक संबंधों को ज्यादा मजबूत और लचीला बनाने में मदद करते हैं। पुतिन ने कहा कि मौजूदा दौर में दुनिया कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है और मजबूत आर्थिक सहयोग इन समस्याओं से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने BRICS देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक सहयोग को और आगे बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।
'दुनिया में हो रहे गहरे बदलाव'
पुतिन ने अपने संबोधन में मौजूदा वैश्विक स्थिति को रेखांकित करते हुए कहा कि दुनिया इस समय संरचनात्मक और गहरे बदलावों से गुजर रही है। उन्होंने संकेत दिया कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में आर्थिक साझेदारी और भरोसेमंद कारोबारी रिश्तों की भूमिका पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। इस साल भारत, ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन होना है। रूस, चीन और ईरान समेत कई प्रमुख देशों के नेता इसमें हिस्सा ले रहे हैं।
ब्रिक्स बिजनेस फोरम में आर्थिक सहयोग, व्यापार, निवेश और वैश्विक आर्थिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से सामने आ रहे हैं। भारत ने भी ब्रिक्स देशों के बीच ऐसा कारोबारी माहौल बनाने पर जोर दिया है जो स्थिर, पारदर्शी और भरोसेमंद हो।
