BRICS Summit 2026 के लिए भारत आए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शनिवार को यूरोप और जर्मनी में 'अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी' AFD की जीत पर बड़ा बयान दिया। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि यूरोप को रूस से कोई खतरा नहीं है लेकिन जो चीजें समझौतों के विपरीत हैं, वे उनके हितों के खिलाफ हैं। यूरोप के साथ हमारे किसी भी संघर्ष का कोई आधार नहीं है। जर्मनी के एक प्रांत में AFD की जीत पर पुतिन ने कहा कि 'मेरा मानना है कि इस समय पूरे यूरोप में जो कुछ हो रहा है, वह तथाकथित पश्चिम या अधिक सटीक रूप से पश्चिम के वैश्विकतावादियों की राजनीति, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में की गई व्यवस्थागत गलतियों का नतीजा है।'
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन।
'हम यूरोपीय देशों को धमकी नहीं दे रहे'
पुतिन ने कहा, 'ऐसा कोई खतरा नहीं है और न ही कभी रहा है। हम यूरोपीय देशों को धमकी नहीं दे रहे हैं और न ही उन्हें धमकी देने वाले हैं। आखिर हम ऐसा क्यों करेंगे? ऐसा लगता है कि कोई यह भी नहीं सोच रहा कि यूरोप के साथ हमारे किसी भी संघर्ष का कोई आधार नहीं है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सभी मुद्दे सुलझा लिए गए थे। और सोवियत संघ के विघटन के बाद जो कुछ हुआ, वह सोवियत संघ के उत्तराधिकारी के रूप में रूसी संघ की सहमति से हुआ था। जो कुछ भी उन समझौतों के विपरीत है, वह हमारे हितों के खिलाफ है और अंतरराष्ट्रीय कानून तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है।'
व्यवस्थागत गलतियों का नतीजा है AFD की जीत-पुतिन
जर्मनी के सैक्सोनी-आनहाल्ट राज्य चुनाव में अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (AFD) के पहले स्थान पर पहुंचने को लेकर पुतिन ने कहा, 'मेरा मानना है कि इस समय पूरे यूरोप में जो कुछ हो रहा है, वह तथाकथित पश्चिम या अधिक सटीक रूप से पश्चिम के वैश्विकतावादियों की राजनीति, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में की गई व्यवस्थागत गलतियों का नतीजा है। हर कोई गलतियां करता है। हमने भी खुद कई गलतियां की हैं और दुनिया के बाकी देशों ने भी। लेकिन पश्चिम के वैश्विकतावादियों की समस्या यह है कि शीत युद्ध की समाप्ति और सोवियत संघ के विघटन के बाद उन्हें लगा कि वे ‘ओलिंपस के शिखर’ पर पहुंच गए हैं और शायद उन्होंने यह मान लिया कि—पहला, उन्हें सब कुछ करने की अनुमति है और दूसरा, वे कभी गलती नहीं करते।'
इसलिए रूस से डरते हैं यूरोपीय देश
यूक्रेन के साथ जारी युद्ध के बीच यूरोप के बारे में पुतिन का यह बयान काफी अहम है। यूरोप अपने लिए रूस को एक खतरे के रूप में देखता है। यूरोप को लगता है कि यूक्रेन के बाद रूस शांत नहीं बैठेगा। वह बाद में यूरोप के दूसरे देशों को निशाना बना सकता है। इसलिए, यूरोप के देश युद्ध में यूक्रेन की मदद कर रहे हैं। बाल्टिक देश, पोलैंड और पूर्वी यूरोप विशेष रूप से सतर्क हैं। इसके अलावा रूस की ऊर्जा आपूर्ति पर यूरोप की लंबे समय तक निर्भरता और साइबर हमलों, दुष्प्रचार तथा राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों ने भी सुरक्षा चिंताएं बढ़ाई हैं।
