Hafiz Saeed Aid Shot Dead: पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के सबसे वांछित आतंकी में से एक मुफ्ती कैसर फारूक की कराची में अज्ञात हमलावरों ने गोली मार कर हत्या कर दी। कैसर फारूक लश्कर के संस्थापक सदस्यों में से एक था और 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का करीबी सहयोगी था।
लश्कर आतंकी मुफ्ती कैसर फारुक (Twitter)
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 30 वर्षीय कैसर फारूक की शनिवार को समानाबाद इलाके में एक धार्मिक संस्थान के पास हमलावरों ने गोली मार दी गई थी। पीठ में गोली लगने से घायल फारूक को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। फारूक की हत्या के दावे वाला सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। इस हमले में एक नाबालिग लड़का भी घायल हो गया।
हाफिज अब्दुल सलाम भुट्टावी की हुई थी जेल में मौत
इसी साल मई 2023 में मुंबई आतंकी हमले के लिए लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों को प्रशिक्षित करने वाले हाफिज अब्दुल सलाम भुट्टावी की पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक जेल में मौत हो गई थी। संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकवादी घोषित भुट्टावी ने कम से कम दो बार संगठन के प्रमुख के रूप में काम किया और वह जेल में सजा काट रहा था।
मुरीदके में लश्कर मुख्यालय में दफनाया गया
भुट्टावी ने पंजाब में लश्कर ए तैयबा के मुख्यालय की स्थापना की थी और वह प्रतिबंधित जमात-उद-दावा प्रमुख और मुंबई हमले के साजिशकर्ता हाफिज सईद का सहायक था। कड़ी सुरक्षा के बीच उसे मुरीदके में लश्कर मुख्यालय में दफनाया गया जिसमें बड़ी संख्या में प्रतिबंधित संगठन के समर्थकों ने भाग लिया था। पंजाब सरकार के एक सूत्र ने बताया कि जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद ने भुट्टावी के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति देने का सरकार से अनुरोध किया था, लेकिन उसे अनुमति नहीं मिली। सईद 2019 से कोट लखपत जेल में बंद है और आतंकवाद के वित्तपोषण के मामलों में कई सजाएं काट रहा है।
