Rishi Sunak Meets Benjamin Netanyahu : हमास इजरायल जंग के बीच तेल अवीव पहुंचे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने गुरुवार को पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। मुलाकात के बाद सुनक ने इजरायल को अपना पूरा समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि इजरायल ने अपनी सुरक्षा के लिए जो कदम उठाया है, ब्रिटेन उसका समर्थन करता है। हम चाहते हैं कि हमास के खिलाफ आप जंग जीतें। मीडिया को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि यह केवल हमारा नहीं बल्कि पूरी सभ्य दुनिया का युद्ध है। मीडिया में जारी बयान से पहले दोनों नेताओं ने बंद कमरे में मुलाकात की।
नेतन्याहू से मुलाकात करते ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक।
कोई भी इस तरह के हालात का सामना न करे-सुनक
ब्रिटेन के पीएम ने कहा, 'ऐसी भयानक स्थिति में यहां आकर में दुखी हूं। पिछले दो सप्ताह में इस देश ने जो कुछ सहा है और जिन हालातों से गुजरा है, मैं चाहता हूं कि किसी भी देश, किसी भी व्यक्ति को इस तरह के हालात का सामना न करना पड़े। मैं ब्रिटेन के नागरिकों की शोक संवेदना यहां प्रकट करता हूं। साथ ही इजरायल ने अपनी सुरक्षा के अधिकार के तहत हमास को खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक जो कदम उठाए हैं, उनका मैं समर्थन करता हूं।'
'फिलीस्तीनी लोग भी हमास के शिकार'
सुनक ने आगे कहा, 'हमने यह भी देखा है कि फिलीस्तीन के लोग भी हमास का शिकार हुए हैं। हमने देखा कि गाजा तक मानवीय मदद पहुंचाने के लिए आपने रास्ता खोलने का निर्णय लिया। हमें खुशी है कि आपने इस तरह का फैसला लिया। हम इसका समर्थन करते हैं। हम चाहते हैं कि इस जंग में आपकी जीत हो।'
यह जंग समूचे सभ्य विश्व का है-नेतन्याहू
इससे पहले नेतन्याहू ने कहा, 'यह केवल हमारी लड़ाई नहीं है बल्कि यह जंग समूचे सभ्य विश्व का है। यह हमारे लिए सबसे अंधकारमय समय है। यह दुनिया के लिए भी सबसे अंधकारमय समय है। हमें एकजुट होने और जीतने की जरूरत है।'
सुनक बोले-इजरायल के साथ है ब्रिटेन
ऋषि अपनी दो दिनों की यात्रा पर इजरायल पहुंचे हैं। इजरायल पहुंचते ही सुनक ने ‘एक्स’ पर अपने पोस्ट में कहा, 'मैं इजराइल में हूं, ऐसा देश जो अभी शोक में है। मैं भी आपके साथ दुखी हूं और आतंकवाद जैसी बुराई के खिलाफ आपके साथ आज, और हमेशा खड़ा हूं।’
बुधवार को हुआ बाइडेन का दौरा
सुनक से पहले अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन इजरायल के दौरे पर पहुंचे थे। सात अक्टूबर को गाजा से हमास आतंकवादियों द्वारा इजरायल पर अप्रत्याशित हमले के बाद कई देशों के नेताओं ने हमास के साथ संघर्ष को व्यापक क्षेत्र में फैलने से रोकने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
