China tests Intercontinental Ballistic Missile : चीन ने कहा है कि उसने एक अंतरमहाद्विपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण उसने प्रशांत महासागर में किया। बीजिंग के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि मिसाइल का परीक्षण बुधवार सुबह स्थानीय समय 8 बजकर 44 मिनट पर हुआ। यह मिसाइल समुद्र में उसी जगह गिरी जहां इसकी उम्मीद की गई थी। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि मिसाइल का टेस्ट नियमित परीक्षण और वार्षिक प्रशिक्षण का हिस्सा था। मिसाइल अपने साथ वारहेड भी ले गई थी।
चीन ने प्रशांत महासागर में मिसाइल का टेस्ट किया।
पिछला आईसीबीएम का टेस्ट 1980 में किया था
रिपोर्टों में कहा गया है कि चीन ने जिस आईसीबीएम मिसाइल का टेस्ट किया है, वह किस तरह की है और उसका परिपथ क्या रहा है, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। हालांकि, चीन के मीडिया का कहना है कि अपनी इस मिसाइल के परीक्षण के बारे में बीजिंग संबंधित देशों को पहले ही बता चुका था। जानकारों ने चीन द्वारा अपने इस मिसाइल परीक्षण को एक नियमित टेस्ट बताए जाने पर हैरानी जताई है क्योंकि इस तरह का मिसाइल का परीक्षण उसने 1980 में किया था।
अंतरराष्ट्रीय समुद्र में किया टेस्ट
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि चीन आम तौर पर परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम अपनी मिसाइलों का परीक्षण देश के अंदरूनी इलाकों में करता आया है। यही नहीं, इसके पहले उसने आईसीबीएम का परीक्षण शिनजियांग प्रांत के तकलामकान डेजर्ट के पश्चिमी क्षेत्र में किया था। ऐसे में 1980 के बाद उसने पहली बार आईसीबीएम का परीक्षण अंतरराष्ट्रीय समुद्र में किया है। यह अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल अमेरिका, ताइवान और जापान के लिए खतरा पैदा कर सकती है।
जापान ने कहा-उसके जहाजों को नुकसान नहीं हुआ
चीन के इस मिसाइल परीक्षण के बारे में कारनेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस में न्यूक्लियर हथियार के विशेषज्ञ अंकित पांडा ने X पर अपने एक पोस्ट में कहा कि 'यदि मैं कुछ भूल नहीं रहा हूं तो मुझे लगता है कि ऐसा पहली बार हुआ है। चीन की तरफ से मिसाइल के परीक्षण को नियमित और वार्षिक बताना अजीब है। क्योंकि आईसीबीएम का परीक्षण न तो वे नियमित रूप से और न ही वार्षिक रूप से करते हैं।' जापान के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि इस परीक्षण से उसके जहाजों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। जापान की न्यूज एजेंसी एनएचके ने रक्षा मंत्रालय के हवाले से कहा कि चीन के इस परीक्षण के बारे में और जानकारी जुटाई जा रही है।
मिसाइल ने तय की थी 9070 किलोमीटर की दूरी
चीन ने अपने पिछले आईसीबीएम का परीक्षण मई 1980 में किया था। इस मिसाइल ने 9070 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए प्रशांत महासागर में गिरी। इस मिसाइल परीक्षण में चीन के 18 युद्धपोत शामिल थे। चीन इसे अपना अब तक का सबसे बड़ा नौसैनिक मिशन बताता आया है। अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञ जॉन रिज ने कहा कि चीन ने अमेरिका को संदेश देने के लिए यह टेस्ट किया होगा।
