West Asia Conflict: दुनिया के 22 देशों ने शनिवार को ईरान से हमले रोकने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की अपील की। संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया समेत इन देशों ने पश्चिम एशिया में वाणिज्यिक जहाजों तथा तेल और गैस सुविधाओं पर ईरान के हमलों की निंदा की है।
होर्मुज जलडमरूमध्य
उन्होंने शनिवार को जारी एक संयुक्त बयान में कहा, ''ईरान की इन कार्रवाइयों का असर दुनिया के हर हिस्से के लोगों खासकर सबसे कमजोर तबके पर पड़ेगा।''
ईरान ने UK-US के सैन्य बेस को बनाया निशाना
ईरान ने हिंद महासागर में डिएगो गार्सिया द्वीप स्थित ब्रिटिश-अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बनाया। ईरान ने इस सैन्य बेस पर मिसाइलें दागीं, जो तेहरान से लगभग 4,000 किलोमीटर दूर है।
डिएगो गार्सिया पर हुए हमले से ईरान की मिसाइलों की मारक दूरी को लेकर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि तेहरान अपनी मिसाइलों की मारक क्षमता का दायरा 2,000 किलोमीटर बताता रहा है। इस मारक क्षमता के दायरे में पश्चिम एशिया का पूरा इलाका और पूर्वी यूरोप का कुछ हिस्सा आता है, लेकिन डिएगो गार्सिया इससे काफी दूर पड़ता है।
हालांकि, अमेरिकी अधिकारी लंबे समय से यह आरोप लगाते रहे हैं कि ईरान का अंतरिक्ष कार्यक्रम उसे अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें बनाने में सक्षम बना सकता है।
नतांज परमाणु संयंत्र पर हमला
वहीं, ईरान के नतांज परमाणु संयंत्र को शनिवार को एक हवाई हमले में निशाना बनाया गया। इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि आने वाले सप्ताह में ईरान के खिलाफ हमलों में 'काफी वृद्धि' होगी। पश्चिम एशिया में युद्ध के चौथे सप्ताह में प्रवेश करने के बीच काट्ज ने एक वीडियो बयान में कहा, ''अगले सप्ताह, इजरायल और अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी आतंकवादी शासन तथा उसके आधारभूत ढांचों के विरुद्ध किए जाने वाले हमलों की तीव्रता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।''
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार पश्चिम एशिया में सैन्य अभियानों को 'धीरे-धीरे कम' करने पर विचार कर रही है। हालांकि, अमेरिका ने उस क्षेत्र में और युद्धपोत तथा मरीन सैनिक तैनात करने की घोषणा भी की है। ईरान ने भी दुनिया भर के पर्यटन स्थलों पर हमले की धमकी दी है।
