Red Sea Color Truth: अमेरिका और ईरान के तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और लाल सागर चर्चा में हैं। लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों पर हमले बढ़े हैं, जिससे चिंता बढ़ी है। इसी बीच लोग पूछ रहे हैं कि पानी नीला होने के बावजूद इसे “लाल सागर” क्यों कहा जाता है।लाल सागर का नाम सुनते ही ऐसा लगता है कि इसका पानी लाल रंग का होगा, लेकिन सच यह है कि इसका पानी सामान्य समुद्रों की तरह नीला-हरा ही होता है। फिर भी इसे “लाल सागर” क्यों कहा जाता है, यह सवाल काफी दिलचस्प है और इसके पीछे कई अलग-अलग कारण बताए जाते हैं।
Red Sea का असली सच क्या है? (Photo: iStock)
शार्क की भी कई प्रजातियां मौजूद
सबसे पहले, लाल सागर (lal sagar ka name lal sagar kyo pada) अपनी जैव विविधता के लिए जाना जाता है। यहां 1,000 से ज्यादा मछलियों की प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें कई केवल इसी सागर में मिलती हैं। इसके अलावा यहां शार्क की भी कई प्रजातियां मौजूद हैं। इसकी प्रवाल भित्तियां (कोरल रीफ) बहुत लंबी और पुरानी हैं, जो हजारों साल से समुद्री जीवन को सहारा देती आ रही हैं। यह सागर सिर्फ प्राकृतिक रूप से ही खास नहीं है, बल्कि व्यापार के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। यह स्वेज नहर के जरिए यूरोप और एशिया को जोड़ता है, जिससे दुनिया भर के जहाज यहां से गुजरते हैं।
इस वजह से पड़ा 'लाल सागर' नाम
अब बात करते हैं इसके नाम की। एक मशहूर सिद्धांत के मुताबिक इस सागर में कभी-कभी एक खास तरह के सूक्ष्म जीव (साइनोबैक्टीरिया) पानी को लाल-भूरे रंग का बना देते हैं। इसी वजह से इसका नाम “लाल सागर” पड़ा होगा। दूसरा सिद्धांत कहता है कि पुराने समय में कुछ भाषाओं में रंगों का इस्तेमाल दिशाओं को बताने के लिए किया जाता था। “लाल” रंग दक्षिण दिशा को दर्शाता था, और क्योंकि यह सागर दक्षिण की ओर स्थित है, इसलिए इसे लाल सागर कहा गया। एक और मान्यता यह भी है कि इसके आसपास की पहाड़ियां और चट्टानें लाल रंग की हैं, जिनकी वजह से इसका नाम पड़ा। वहीं कुछ लोग मानते हैं कि इसका नाम प्राचीन ग्रीक शब्द “एरिथ्रा थलास्सा” से आया है, जिसका मतलब भी “लाल सागर” ही होता है।
