Viral Video: भारतीय रेलवे से जुड़े कई वीडियोज सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं। कई वीडियोज में ट्रेनों की खराब स्थिति तो कुछ में भीड़भाड़ और बिना टिकट यात्रियों द्वारा हो रहे झगड़े को दिखाया जाता है। इस बार भी एक ऐसा ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस वीडियो में टिकट परीक्षक (TTE) एक पुलिसकर्मी को फटकराते हुए दिख रहा है। दावा है कि, पुलिसकर्मी बिना टिकट के एसी कोच में यात्रा कर रहा था। Reddit पर वीडियो को कैप्शन के साथ शेयर किया गया है। पहले तो रेलवे अधिकारी पुलिसकर्मी से उसकी सीट के बारे में सवाल करता है और फिर उसे डांट लगाता है।
वायरल हो रहे वीडियो में आप सुन सकते हैं कि, टिकट पर्यवेक्षक कह रहा है- 'घर का राज चल रहा है कहीं भी जाओ, कुछ भी करो। जो खाली है वो वर्दीवालों की सीट है क्या? खड़े हो यहां से, निकलो। जनरल में दिखाई देना स्लीपर में नहीं।' इतना सुनने के बाद पुलिसकर्मी चुपचाप उठता है और चला जाता है। शेयर किए जाने के बाद से इस वीडियो को 2,000 से ज़्यादा अपवोट मिल चुके हैं। कमेंट सेक्शन में, यूज़र्स ने पुलिसकर्मी के सामने खड़े होने के लिए टीटीई की तारीफ की।
एक यूजर ने लिखा कि, 'टीटीई ने दिखा दिया कि कोच के अंदर कौन बॉस है।' दूसरे ने लिखा कि, 'टीटीई ने बढ़िया काम किया। रेलवे को एयरपोर्ट जैसी व्यवस्था की जरूरत है, केवल वैध आरक्षित टिकट वाले यात्रियों को ही अनुमति मिलनी चाहिए।' तीसरे ने सुझाव देते हुए लिखा कि, 'रेलवे को हवाई अड्डों जैसी व्यवस्था की जरूरत है, केवल वैध आरक्षित टिकट वाले लोगों को ही चढ़ने और स्टेशनों पर जाने की अनुमति दी जानी चाहिए। लोकल ट्रेन/मेमू/ईएमयू ट्रेनों के लिए अलग प्लेटफॉर्म होना चाहिए। लंबी दूरी की ट्रेनें जहां से चलेंगी, वहां से अलग प्लेटफॉर्म होना चाहिए। मेरी राय में ट्रेन में जनरल डिब्बे नहीं होने चाहिए। इसकी जगह सिटिंग क्लास होना चाहिए, जहां आपको आरक्षित टिकट खरीदना होगा।' वहीं, कई यूजर्स ने टीटीई पर सवाल उठाया कि उसने पुलिसकर्मी पर जुर्माना क्यों नहीं लगाया, जबकि उसने दावा किया था कि वह बिना टिकट के यात्रा कर रहा था, जिसके लिए आमतौर पर 250 रुपये या उससे अधिक का जुर्माना लगता है। एक अन्य यूजर ने लिखा, 'टीटीई ने पुलिस कर्मी को बिना वैध टिकट के पकड़े जाने के बावजूद क्यों जाने दिया? यह संदिग्ध लगता है - या तो विशेष व्यवहार या भ्रष्टाचार!' वहीं, एक और यूजर ने पूछा, 'टीटीई ने उस पर जुर्माना क्यों नहीं लगाया? उसे मुफ्त यात्रा क्यों दी गई?'
