कोलकाता की दुर्गा पूजा अपने भव्य पंडालों, शानदार सजावट और अनोखी कलाकारी के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। हर साल यहां के पंडाल लोगों को अपनी ओर खींचते हैं। खास बात यह है कि इस उत्सव का आनंद लेने के लिए सिर्फ भारत के अलग-अलग हिस्सों से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी लोग पहुंचते हैं। अब नॉर्वे की राजदूत 'मे-एलिन स्टेनर' (May-Elin Stener) का एक वीडियो (Video) सामने आया है, जिसमें वह कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडालों में घूमते और मां दुर्गा के दर्शन करते हुए नजर आ रही हैं। वीडियो में वे कोलकाता की संस्कृति की भी तारीफ करती दिख रही हैं।
दुर्गा पूजा पंडाल घूमती दिखीं नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर (X/@ANI)
तीसरा पंडाल देखकर भी नहीं हुईं बोर
वीडियो में नॉर्वे की राजदूत बताती हैं कि वह रात तक तीन दुर्गा पूजा पंडाल देख चुकी थीं। उन्हें यहां की सजावट और कलाकारी बेहद पसंद आई। उन्होंने कहा कि अलग-अलग पंडालों में देखने के लिए बहुत कुछ है और हर जगह खूबसूरत कलाकृतियां नजर आती हैं। उनकी बातों से साफ पता चलता है कि कोलकाता की दुर्गा पूजा ने उन्हें काफी प्रभावित किया। यहां हर पंडाल को अलग अंदाज में सजाया जाता है। कहीं पारंपरिक कला दिखाई देती है, तो कहीं कलाकार अपनी नई कल्पनाओं से लोगों को हैरान कर देते हैं।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें:
भारत की संस्कृति में दिखती है विविधता
नॉर्वे की राजदूत ने बताया कि वह पिछले तीन साल से भारत में हैं। इस दौरान उन्हें यहां की संस्कृति को करीब से समझने और नई-नई चीजें देखने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि भारत में संस्कृति की बहुत विविधता है। यहां हर जगह कुछ नया देखने और सीखने को मिलता है। यही बात उन्हें पसंद आती है। भारत के अलग-अलग त्योहार, परंपराएं और रीति-रिवाज देश की सांस्कृतिक खूबसूरती को दिखाते हैं। दुर्गा पूजा भी इसी का एक शानदार उदाहरण है। यह त्योहार केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कला, संगीत, सजावट और लोगों के आपसी जुड़ाव की भी खास भूमिका होती है।
नॉर्वे और बंगाल को समंदर जोड़ता है
इस बातचीत में नॉर्वे की राजदूत ने एक दिलचस्प बात भी कही। उन्होंने बताया कि नॉर्वे और बंगाल के बीच काफी दूरी है, लेकिन दोनों को जोड़ने वाली एक समान बात जो है वह समुद्र है। उन्होंने कहा कि नॉर्वे एक तटीय देश है, जहां समुद्र का लंबा किनारा है। वहीं, कोलकाता भी समुद्र के नजदीक स्थित क्षेत्र का हिस्सा है। उनकी यह बात दोनों जगहों के बीच एक दिलचस्प समानता की ओर इशारा करती है।
