क्या भारत में घूमना अब विदेश घूमने से भी महंगा हो गया है? सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक पोस्ट ने लोगों को इसी सवाल पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। युवक ने बताया कि उसने ऋषिकेश, उत्तराखंड (Rishikesh, Uttarakhand) जाने का प्लान बनाया था, लेकिन खर्च का हिसाब लगाने के बाद उसने अपना फैसला बदल दिया और वह उन्हीं पैसों में विदेश से होकर आ गया।
भारत में घूमना पड़ा महंगा, युवक ने विदेश की टिकट कर ली बुक (X/@Paritolkks)
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ युवक का पोस्ट
इस वायरल पोस्ट (Viral Post) को कंटेंट क्रिएटर परित्श शर्मा ने सोशल साइट एक्स पर अपने अकाउंट @Paritolkks से शेयर किया। पोस्ट में उन्होंने बताया कि उनके एक दोस्त मुंबई से ऋषिकेश जाने की तैयारी कर रहे थे। जब उन्होंने होटल और ट्रैवल का खर्च देखा तो वे हैरान रह गए। युवक के अनुसार, ऋषिकेश के अच्छे होटलों का किराया एक रात के लिए करीब 9,000 से 15,000 रुपये तक था। इसके अलावा मुंबई से दिल्ली की फ्लाइट और फिर दिल्ली से ऋषिकेश पहुंचने का खर्च भी काफी ज्यादा था। सिर्फ आने-जाने की यात्रा पर ही हजारों रुपये खर्च हो रहे थे।
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उसी बजट में श्रीलंका घूमने चला गया युवक
इसके बाद उन्होंने दूसरे विकल्प तलाशने शुरू किए। इसी दौरान उनकी नजर श्रीलंका पर गई। वहां उन्हें समुद्र किनारे बने अच्छे होटल सिर्फ 3,000 से 5,000 रुपये प्रति रात में मिल गए। इतना ही नहीं, कुल यात्रा खर्च भी उनके बजट में फिट बैठ गया। बेहतर होटल, खूबसूरत समुद्री नजारे और शांत माहौल मिलने की वजह से उन्होंने ऋषिकेश की जगह श्रीलंका जाने का फैसला कर लिया। युवक की यह पोस्ट जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई, लोगों के बीच इस पर बहस शुरू हो गई।
वीडियो पर लोगों की प्रतिक्रिया
कुछ लोगों ने कहा कि कोविड-19 के बाद भारत में टूरिज्म काफी महंगा हो गया है। होटल, टैक्सी और दूसरी सेवाओं के दाम तेजी से बढ़े हैं, जबकि कई जगह सुविधाओं में उतना सुधार देखने को नहीं मिला। हालांकि कई लोगों ने इस तुलना को सही नहीं माना। उनका कहना था कि ऋषिकेश और श्रीलंका का अनुभव पूरी तरह अलग है। ऋषिकेश अपनी आध्यात्मिकता, योग, गंगा आरती और एडवेंचर एक्टिविटीज के लिए मशहूर है, जबकि श्रीलंका अपनी खूबसूरत बीच, प्राकृतिक नजारों और समुद्री पर्यटन के लिए जाना जाता है। इसलिए दोनों जगहों की तुलना करना सही नहीं है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
