भारत अपनी कला, संस्कृति और हस्तशिल्प के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। यहां के कारीगर अपनी मेहनत और हुनर से ऐसी चीजें बना देते हैं, जिन्हें देखकर लोग हैरान रह जाते हैं। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही वीडियो (Video) तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें 5.5 मीटर लंबी सिल्क की साड़ी एक छोटी सी माचिस की डिब्बी में समाती हुई दिखाई देती है।
साड़ी जो माचिस की डिब्बी में हो गई फिट (X/@PTI)
माचिस की डिब्बी में फिट हो गई साड़ी
न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, यह अनोखा कारनामा तेलंगाना के सिरसिल्ला के रहने वाले बुनकर नल्ला विजय कुमार ने किया है। उनकी इस खास कला की चर्चा अब देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी हो रही है। जिसने भी इस साड़ी को देखा, वह उनकी मेहनत और हुनर का कायल हो गया। जानकारी के अनुसार, यह साड़ी 5.5 मीटर लंबी और 48 इंच चौड़ी है। आमतौर पर इतनी बड़ी साड़ी को रखने के लिए काफी जगह चाहिए होती है, लेकिन विजय कुमार ने इसे इतनी बारीकी से तैयार किया कि पूरी साड़ी एक छोटी सी माचिस की डिब्बी में आसानी से समा गई।
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मंदिर को भेंट की गई यह साड़ी
इस खास सिल्क साड़ी का वजन केवल 200 ग्राम है। इसे पारंपरिक इकत (Ikkat) डिजाइन में हाथकरघे पर बुना गया है। इसकी बुनाई इतनी महीन है कि साड़ी को सावधानी से मोड़कर बेहद छोटी जगह में रखा जा सकता है। विजय कुमार ने बताया कि इस साड़ी को बनाने में उनके पूरे परिवार ने साथ दिया। इस अनोखी साड़ी को तैयार करने में करीब 7 दिन का समय लगा। दिन-रात की मेहनत और वर्षों के अनुभव के बाद यह अद्भुत कारीगरी संभव हो सकी। इस खूबसूरत साड़ी को बाद में श्रीशैलम स्थित देवी भ्रमरम्बा मंदिर में भेंट किया गया। मंदिर ट्रस्ट ने इस अनोखे उपहार की खूब सराहना की और बुनकर की कला की जमकर तारीफ की।
कारीगर के हुनर को सलाम कर रही है दुनिया
सोशल मीडिया (Social Media) पर इस साड़ी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे भारत की पारंपरिक बुनाई कला का शानदार उदाहरण बता रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि भारतीय कारीगरों का हुनर किसी जादू से कम नहीं है। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि ऐसी कला को पूरी दुनिया तक पहुंचना चाहिए।
