Viral Video: आज कल हर कोई अपने काम को अलग तरीके से करना चाहता है। जिससे उनका नाम और उनकी अपनी एक अलग पहचान हो। कुछ लोग तो इसके लिए ऐसा जुगाड़ भिड़ाते हैं, जिसे देखकर दुनिया दंग रह जाती है। सोशल मीडिया पर भी आपको इस तरह के कई वीडियो देखने को मिल जाएंगे। इसी कड़ी में एक चायवाली इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। क्योंकि, इनकी चाय की खासियत ये है कि आप चाय के साथ-साथ कुल्हड़ को भी खा सकते हैं। इस बात पर हो सकता है आपको यकीन ना हो रहा हो, लेकिन यह सच है। तो आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक छात्रा इन दिनों अपनी चाय स्टॉल को लेकर चर्चा में है। इस चाय की एक खासियत है। यहां पर चाय जिस कुल्हड़ में दिया जाता है वह कुल्हड़ चाय पीने के बाद खाया भी जा सकता है। अब आप सोच रहे होंगे कि कुल्हड़ को कैसे खा सकते हैं, तो हम आपको बता दें कि जिस कुल्हड़ में ये चाय देती हैं, वो एडिबल कुल्हड़ है जो आटा, मक्का और तमाम पोषक तत्वों से बना हुआ है। इसे खाने से किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होता है। गोरखपुर यूनिवर्सिटी के सामने छोटी सी टी स्टॉल लगाने वाली अवनी त्रिपाठी बताती हैं कि वह बीएससी की छात्रा हैं। कोरोना काल में घर की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई उसके बाद उन्होंने बिजली विभाग में संविदा पर काम किया। लेकिन, समय पर सैलरी न मिलने से वहां भी बात नहीं बनी। काफी सोच-विचार के बाद उन्होंने मोदी जी से प्रेरणा लेते हुए चाय बेचने का फैसला किया और पिछले महीने अगस्त से उन्होंने चाय का स्टाल लगाना शुरू किया।
राज्यपाल भी हो चुकी हैं मुरीद
इनके स्टाल पर अलग-अलग फ्लेवर की चाय मिलती है। खास करके इनके कस्टमर युवा होते हैं जो यूनिवर्सिटी में पढ़ने आते हैं। इनका मानना है कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता बस उसे इच्छाशक्ति के साथ करना जरूरी होता है। कम समय में अपनी अलग पहचान बना चुकी अवनी बताती हैं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी गोरखपुर दौरे पर आई थी। उस दौरान उन्होंने अपने भाषण में अवनी का जिक्र किया था और इनकी तारीफ की थी। चाय परोसने के बिल्कुल नायाब तरीके की वजह से अवनी अब मीडिया की सुर्खियां बन चुकी हैं। दूर-दूर से लोग इनके स्टाल पर चाय पीने के लिए आते हैं।
10 और 20 रुपए की चाय
अवनी नॉर्मल चाय 10 रुपए प्रति कुल्हड़ यह देती हैं। जबकि खाने वाले कुल्हड़ में 20 रुपए प्रति कुल्हड़ का दाम तय कर रखा है। चाय पीने के बाद कुल्हड़ खाने से दो फायदे हैं एक तो गंदगी नहीं फैलती दूसरा पर्यावरण की भी सुरक्षा होती है। अगर कोई कुल्लड़ नहीं खाता वह फेक भी देता है तो उसे जानवर बहुत ही चाव से खाते हैं। अवनी ने बताया कि पहले मिट्टी के कुल्हड़ में चाय देने से प्रतिदिन काफी संख्या में कुल्हड़ कूड़े के तौर पर इकट्ठा हो जाते थे, जिनका कोई दूसरा उपयोग नहीं होता था। तभी अवनी के जेहन में यह आइडिया आया कि क्यों ना ऐसा कुल्हड़ तैयार किया जाए जो चाय पीने के बाद भी इस्तेमाल में लिया जा सकता हो। इसके बाद उन्होंने एडिबल कुल्हड़ का इस्तेमाल शुरू किया।जिसे कस्टमर काफी पसंद कर रहे हैं।
गोखरपुर से रशद लारी की रिपोर्ट...
