Emotional Story: चीन के मध्य क्षेत्र की एक महिला की कहानी इन दिनों लोगों के दिलों को छू रही है। 44 साल की ली लिन ने अपने छोटे भाई को खोजने के लिए पूरे 33 साल तक संघर्ष किया और आखिरकार उसे ढूंढ ही लिया। इस खोज में उनके पास सिर्फ एक पुरानी तस्वीर ही सबसे बड़ा सहारा थी। ली लिन और उनके छोटे भाई ली शिन का बचपन बहुत मुश्किलों भरा था। जब वे छोटे थे, तभी उनकी मां की कैंसर से मौत हो गई और उनके पिता मानसिक रूप से टूटकर घर छोड़कर चले गए। इसके बाद दोनों भाई-बहन बिल्कुल अकेले हो गए। पेट भरने के लिए वे कबाड़ इकट्ठा करते और जैसे-तैसे जीवन गुजारते थे।
33 साल बाद मिला खोया भाई (Photo: AI Generated)
एक दिन बारिश से बचने के लिए वे एक ट्रक के पीछे सो गए और अनजाने में दूसरे शहर पहुंच गए। वहां वे भूखे और बेघर सड़कों पर भटक रहे थे। तभी एक बुजुर्ग महिला ने छोटे भाई को रोटी दिलाने का लालच दिया। ली लिन को लगा कि शायद कोई मदद मिल रही है, इसलिए उन्होंने अपने भाई को उसके साथ जाने दिया। लेकिन वह फैसला उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा दुख बन गया, क्योंकि उनका भाई फिर कभी वापस नहीं लौटा।
चीन के कई शहरों में बहन ने भाई को खोजा
इस घटना के बाद ली लिन (33 saal baad bahan ne bhai ko khoja) ने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी। उन्होंने अपने भाई को ढूंढने के लिए कई छोटे-मोटे काम किए, जैसे ईंट ढोना, बर्तन धोना और फैक्ट्री में काम करना। उन्होंने चीन के कई शहरों में जाकर अपने भाई की तलाश की और हजारों पर्चे बांटे। इस दौरान उन्होंने अपनी जमा पूंजी भी खर्च कर दी। उधर, ली शिन को अगवा करने के बाद बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उसने भागने की कोशिश की, लेकिन उसे पकड़ लिया गया और बुरी तरह से प्रताड़ित किया गया। बाद में वह किसी तरह वहां से भाग निकला और भीख मांगकर अपना गुजारा किया।
23 मार्च को दोनों का हुआ मिलन
आखिरकार एक परिवार ने उसे गोद ले लिया और वह वहीं बड़ा हुआ। लेकिन उसके मन में हमेशा अपनी बहन को ढूंढने की इच्छा बनी रही। कई सालों बाद एक पुलिस अधिकारी ने चेहरे की पहचान तकनीक की मदद से उसे ढूंढ निकाला। डीएनए जांच के बाद यह साबित हो गया कि वह सच में ली लिन का ही भाई है। 23 मार्च को दोनों का मिलन हुआ, जहां वे एक-दूसरे को देखकर भावुक हो गए। ली लिन अपने भाई के लिए रोटी लेकर आई थीं, ताकि वह उस अधूरी याद को पूरा कर सकें। दोनों की यह कहानी अब सोशल मीडिया पर लोगों को भावुक कर रही है। यह कहानी सिर्फ एक बहन के प्यार और धैर्य की नहीं, बल्कि उम्मीद और हिम्मत की भी मिसाल है।
